क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय(आरटीओ) में रविवार या किसी अन्‍य अवकाश दिवस के बाद अधिक संख्या में ड्राइविंग लाइसेंस बन रहे हैं। कोरोना संक्रमण की दस्‍तक से पहले तक रोजाना दिन में 200 से 250 लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनते थे। वहीं 300 से 350 तक परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाते थे। कोरोना काल में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि होती जा रही है। अब रोज 400 से ज्‍यादा लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बन रहे हैं और परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस 450 तक जारी किए जा रहे हैं। कोरोना के कारण पूर्व में लगे लॉकडाउन के दौरान लाइसेंस नहीं बनाए गए। ऐसे लोगों को लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन करने की तिथि 31 मार्च रखी गई है। बीच-बीच में कोई अवकाश दिवस होने पर आरटीओ में पेंडिंग आवेदन हो जाते हैं। इससे निरंतर ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने वाली शाखा पर दबाव बढ़ रहा है।

स्थिति यह है कि आरटीओ का ऑनलाइन काम देख रही स्मार्टचिप प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के कर्मचारी सुबह 10 से पांच कार्यालय समय के बाद भी रात आठ बजे तक ड्राइविंग लाइसेंस बना रहे हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि जिन लोगों ने एक दिन में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए समय लिया है, उनका काम उसी दिन हो जाए। लोगों को फिर से समय बदलवाने के लिए परेशान न होना पड़े। इसे देखते हुए आरटीओ में एक दिन में लर्निंग व परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस के सभी आवेदनों का निपटारा किया जा रहा है। इस संबंध में स्मार्टचिप कंपनी के भोपाल आरटीओ प्रभारी राजेश शर्मा ने बताया कि लॉकडाउन के समय पेंडिंग हुए आवेदन के कारण आवेदन अधिक संख्‍या में हो रहे हैं। रविवार का अवकाश होने से दूसरे दिन सोमवार को भी पेंडिंग आवेदन हो जाते हैं, इसलिए ड्राइविंग लाइसेंस शाखा पर दबाव बढ़ रहा है। कोशिश यही रहती है कि पेंडिंग आवेदनों का जल्‍द से जल्‍द निराकरण किया जाए।

By kgnews

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