राजनांदगांव। कोरोना संक्रमण काल के बाद रियल स्टेट कारोबार में जमकर उछाल आया है। सरकार द्वारा रजिस्ट्री में 40 फीसद छूट दिए जाने के बाद जमीन खरीदी-ब्रिकी का कारोबार चमक गया है। शासन ने रजिस्ट्री का लक्ष्य 80 करोड़ रुपये दिया है। इसके मुकाबले 83 करोड़ से अधिक का राजस्व मिला। वित्तीय वर्ष में 21 हजार से अधिक रजिस्ट्री हुई है।
इससे शासन को 83 करोड़ का राजस्व मिला है। पिछले साल कारोना महामारी के चलते रजिस्ट्री कार्यालय कुछ दिनों के लिए बंद रहा और रजिस्ट्रीय कार्य प्रभावित हुआ था। जबकि इस वर्ष जमकर रजिस्ट्री है। कोरोना महामारी थमने के बाद जमीन की खरीदी-ब्रिकी का काम जोर पकड़ा है। छोटे प्लाटों की खरीदी-ब्रिकी पर रोक हटने से के बाद तेजी कारोबार में तेजी आई है। जमीन की रजिस्ट्री में आई तेजी के पीछे छोटे प्लाकों की खरीदी-ब्रिकी व 40 फीसद छूट को माना जा रहा है। क्योंकि छोटे प्लाटों से रोक हटने के बाद जमकर खरीदी-ब्रिकी हो रही है। पांच डिसमिल से कम रकबे की जमीन का अब नामांतरण व रजिस्ट्रीय आसान हो गया है।
रोजाना 100 से अधिक रजिस्ट्रियां
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिला पंजीयक को रोजना सिर्फ 40 रजिस्ट्री करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन फरवरी-मार्च में रजिस्ट्री की संख्या रोजाना 100 से अधिक होने के कारण रजिस्ट्री स्लेब को तोड़ना पड़ा। यहीं कारण है कि जहां रोजना 40 रजिस्ट्रियां होती थी, वह आंकड़ा 100 पार हो गया। राज्य शासन द्वारा शनिवार-रविवार को भी रजिस्ट्री जारी रखने के निर्देश दिए थे। यहीं कारण है कि जमकर रजिस्ट्रियां हुई। रजिस्ट्री में 40 प्रतिशत की छूट दिए जाने के बाद लक्ष्य को भी बढ़ाया गया था।
गांव की ओर रुझान
शहर में जमीन के दाम आसमान छू रहे हैं। यहीं कारण है कि लोग अब गांव की ओर जमीन खरीदने रुचि दिखा रहे हैं। गांव में जमकर जमीन की खरीदी हो रही है। लोग ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन खरीदकर इनवेस्ट कर रहे हैं। अप्रैल माह में नवरात्र में भी जमकर जमीन की खरीदी-ब्रिकी हुई। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि दो साल से कोरोना संक्रमण के चलते जमीन खरीदी-ब्रिकी का कारोबार ठंडा पड़ गया था। लेकिन इस वर्ष छूट दिए जाने के बाद जमीन की जमकर खरीदी-ब्रिकी हुई।
इस तरह मिला था लक्ष्य
उप-पंजीय कार्यालय वार्षिक लक्ष्य (लाख में)
राजनांदगांव 4800
खैरागढ़ 850
छुईखदान 250
डोंगरगढ़ 440
डोंगरगांव 400
छुरिया 290
अं.चौकी 300
मोहला 100
गंडई 300
अपेक्षा काफी ज्यादा
रजिस्ट्री का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। 80 करोड़ का लक्ष्य मिला था। जिसके मुकाबले 83 करोड़ का राजस्व मिला है। 21262 दस्तावेज प्राप्त हुए हैं, जो गत वर्ष की अपेक्षा काफी ज्यादा है।
