देहरादून। उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने के बाद बाई विपदा में फंसे लोगों को बचाने का प्रयास अभी भी जारी है। मिली जानकारी के अनुसार तपोवन-विष्णुगाड परियोजना की सुरंग में अभी भी करीब 34 लोग फंसे हुए हैं। हादसे के बाद से ही टनल से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्ध स्तर पर राहत व बचाव कार्य चल रहा है। वीडियो में आप देख सकते हैं कि तपोवन परियोजना के पास स्थित सुरंग कितनी लंबी है और एनडीआरएफ के जवान लगातार बचाव कार्य में लगे हुए हैं। सुरंग के अंदर काफी मात्रा में मलबा और कीचड़ जम गया है, जिसने निकालने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने आज सुबह बताया कि टनल में ​थोड़ा और आगे बढ़े हैं, अभी टनल खुली नहीं है। हमें उम्मीद है कि दोपहर तक टनल खुल जाएगी। कुल 26 शव बरामद हुए हैं। वहीं देहरादून स्थित आईटीबीपी सेक्टर हेडक्वार्टर की डीआईजी अपर्णा कुमार ने कहा कि कल रातभर भी आर्मी, ITBP, SDRF और NDRF की टीम मलबा निकालने में लगी हुई थी। ज्यादा से ज्यादा मलबा निकालने की पूरी कोशिश की जा रही है।

एनडीआरफी डीजी के मुताबिक सोमवार को सुरंग से 100 मीटर तक मलबा हटाया जा चुका है। गौरतलब है कि इस हादसा में अभी तक 173 लोग लापता हैं, जबकि अभी तक 26 लोगों के शव घटना स्थल से बरामद किए जा चुके हैं। कुल लापता 202 व्यक्तियों में से और पांच व्यक्ति सोमवार को सुरक्षित लौट आए। दूसरी ओर वायुसेना ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री बांटने का काम प्रारंभ कर दिया।

By kgnews

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