आशीष यादव, विदिशा। ससुराल में बंदूक रखी देख एक महिला मायके चली गई। डर था कि कहीं उसके गुस्सैल पति से कोई अनहोनी न हो जाए। यह डर इतना बढ़ गया कि महिला ने ससुराल में रहने से भी इन्कार कर दिया। मामला परिवार परामर्श केंद्र में पहुंचा, जहां समझाइश के बाद पति-पत्नी के बीच इस बात पर समझौता हुआ कि अब घर में बंदूक नहीं रखेंगे। इसके बाद ही पत्नी ससुराल गई।
काउंसलर एडवोकेट मदनकिशोर शर्मा ने बताया कि विदिशा की रहने वाली युवती की शादी तीन वर्ष पहले जिले के दूसरे शहर में स्कूल शिक्षक से हुई थी। शादी के एक साल बाद पति-पत्नी के बीच विवाद होने लगा। पति गुस्सैल स्वभाव का था। गुस्से में घर में रखी चीजों को नुकसान पहुंचाता था।
घर में ससुर की लाइसेंसी बंदूक भी रखी रहती थी। पत्नी को इस बात का हमेशा डर लगा रहता था कि कहीं गुस्से में कभी कोई घटना न हो जाए। कमरे में बंदूक रखी देख पत्नी खुद को भी काफी असुरक्षित महसूस करती थी। इसी बात से डर कर वह मायके चली गई। काउंसलर शर्मा ने बताया कि परामर्श केंद्र में पति व ससुराल के दूसरे लोगों को बुलाया और उन्हें समझाइश दी। पति ने सहमति दी है कि अब घर में बंदूक नहीं रखेंगे। इसके बाद ही दोनों के बीच समझौता हुआ।
एक्सपर्ट व्यू – ये महिलाओं में स्वभाविक स्थिति है
घर में किसी भी तरह का हथियार रखे होने से असुरक्षा की भावना तो होती है। घर में यदि कोई सदस्य बहुत ज्यादा गुस्सैल स्वभाव का है तो उस स्थिति में उसे अच्छे बुरे का ध्यान नहीं रहता, वह कुछ भी कर सकता है। बाइपोलर डिसऑर्डर, सीजोफ्रेनिया से ग्रसित व्यक्ति का व्यवहार इस तरह का हो जाता है। ये भी हो सकता है कि महिला ने बंदूक देख एक काल्पनिक सोच बैठा ली हो। ऐसे में पति और पत्नी दोनों को मनोचिकित्सक की सलाह की आवश्यकता है।
