जबलपुर। मध्यप्रदेश में बिजली वितरण कंपनियों के निजीकरण को लेकर मप्र विद्युत निजीकरण विरोधी संयुक्त मोर्चा प्रदर्शन करने जा रहा है। शुक्रवार को बिजली कंपनी मुख्यालय के बाहर रैली और प्रदर्शन का आयोजन किया गया है। रैली शाम 5 बजे ग्रेनेड चैक रामपुर से शक्तिभवन परिसर तक निकाली जाएगी। कर्मचारी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे।
पैदल रैली से विरोध दर्ज कराएंगे : मप्र में बिजली कंपनियों के निजीकरण को रोकने एवं आउटसोर्स कर्मचारियों को बिजली कंपनी में संविलियन एवं विद्युत कंपनियों में कार्यरत संविदा कर्मियों को नियमित करने के समर्थन में प्रदेश भर से आए हजारों विद्युत कर्मचारी, अधिकारी पैदल रैली निकालकर विरोध दर्ज कराएंगे। इस दौरान शक्तिभवन मुख्यालय में आमसभा का भी आयोजन किया गया है। आमसभा को आलइंडिया जनरल सेक्रेट्री अभिमन्यु धनखंड एवं जयप्रकाश अतिरिक्त जनरल सेक्रेट्री आल इंडिया उत्तरप्रदेश मुख्य रूप से संगठन के पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे। रैली में प्रदेश भर से आए इंजीनियर और कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल होंगे। संयुक्त मोर्चा ने बताया कि निजीकरण के कारण आम जनता, किसानों और उद्योगों पर निजीकरण का बेहद विपरीत असर पड़ेगा। निजीकरण होने से एक कार्य क्षेत्र में एक कंपनी का एकाधिकार होगा। सरकारी नियंत्रण इन पर पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। निजी कंपनी सिर्फ मुनाफे के लिए कार्य करेगी। गरीब उपभोक्ता, ग्रामीण उपभोक्ता, किसान, उद्योग हर क्षेत्र में बिजली के दाम में बेतहाशा इजाफा होगा। सभी उपभोक्ताओं को बिजली का एक दाम चुकाना होगा। इससे गरीब जनता को अधिक परेशानी उठानी पडे़गी। मोर्चा का आरोप है कि भविष्य में सरकार से मिलने वाली बिजली सब्सिडी को भी निजीकरण के बाद खत्म कर दिया जाएगा।
