० नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे द्वारा जारी आंकड़ों में आई बात सामने
० बाल विवाह की रोकथाम में भी बेहतर आंकड़े
राजनांदगांव। मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता के मामले में जिले की महिलाओं ने शानदार कदम बढाते हुए जागरूकता का परिचय दिया है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (एनएफएचएस-5) के अनुसार इस दिशा में जागरूकता के मामले में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
जनस्वास्थ्य को गंभीरता से लेते हुए जिले में विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। समय-समय पर विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाता है तथा विशेष अभियान के साथ ही विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। जिले में मातृ-शिशु व महिला स्वास्थ्य को प्राथमिकता में रखा गया है जिसके परिणाम स्वरूप काफी सुखद परिणाम सामने आए हैं। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (एनएफएचएस-5) के अनुसार स्वास्थ्य के प्रति जिले के लोग अब काफी सजग हो गए हैं। माहवारी स्वच्छता, विवाह और प्रजनन क्षमता के संदर्भ में जिले के कई आंकड़े बेहतर हुए हैं। एनएफएचएस-5 के अनुसार माहवारी स्वच्छता के मामले में महिलाओं में काफी जागरुकता आई है। साथ ही जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में भी बढ़ोतरी हुई है।
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 (एनएफएचएस-5) के आंकड़ों के अनुसार, राजनांदगांव जिले में 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों का विवाह (बाल विवाह) का आंकड़ा साल 2015-16 में जहां 17.2 प्रतिशत था, वह घटकर साल 2020-21 में 318 प्रतिशत पर आ गया है यानि ऐसे मामलों में 14 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी है, जो महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा संकेत है।

ऐसी समझदारी जरूरी है…

एनएफएचएस-5 के सर्वेक्षण के नतीजों पर गौर करने से पता लगता है कि 15 से 24 वर्ष की महिलाएं जो मासिक धर्म के दौरान स्वच्छ तरीकों (सैनेटरी पैड) का उपयोग करती हैं उनमें अब काफी जागरुकता आई है। ऐसी महिलाओं की तादाद साल 2015.16 में जहां 60ण्7ः थी जो 2020.21 में बढ़कर अब 73.6 प्रतिशत पर आ चुकी है। इसके अलावा परिवार नियोजन के साधनों का उपयोग करने वालों की संख्या 64.3 प्रतिशत से बढ़कर 73.3 प्रतिशत हो गई है जो प्रगतिकारक संकेत है।

By kgnews

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