रायपुर। सुभाषचंद्र बोस की 125वीं जयंती के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में शुरू बायोटेक इंक्यूबेशन सेंटर एवं एग्री-बिजनेस इंक्यूबेशन से छात्र जुड़ने लगे हैं। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से आनलाइन उद्घाटन किया गया था।
30 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे बायोटेक इंक्यूबेशन सेंटर के बारे मे विवि के कुलपति डाक्टर एसके. पाटिल ने बताया कि कृषि विश्वविद्यालय में सेंटर शुरू होने से प्रदेश के छात्र बहुत कुछ सीख पाएंगे, जिसके लिए उन्हें कहीं भटकने की जरूरत नहीं होगी।
उल्लेखनीय है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर तथा कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त उपक्रम से स्थापित बायोटेक्नालाजी पार्क प्रथम चरण में शुरू किया जा रहा है। पंचवर्षीय योजना का क्रियान्वयन दो चरणों में पूर्ण होगा।
सेंटर की स्थापना दो वर्ष की अवधि में पूर्ण कर ली जाएगी। परियोजना के द्वितीय चरण में रायपुर जिले के आरंग तहसील के ग्राम मुनगी में 9.59 हेक्टेयर भूमि पर बिजनेस इंटरप्राइज जोन की स्थापना की जाएगी। इसके लिए राज्य शासन द्वारा ग्राम मुनगी में भूमि आवंटित कर दी गई है।
इस केंद्र में 23 कंपनियों को तीन वर्ष तक अनुसंधान, तकनीकी एवं अधोसंरचना सुविधाएं प्रदान की जाएगी। बायोटेक्नालाजी पार्क में एग्री बायोटेक, हेल्थ केयर बायोटेक, फूड प्रोसेसिंग एवं कृषि आधारित वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स की कंपनियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
राष्ट्रीय कृषि योजना-रफ्तार एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के संयुक्त उपक्रम से स्थापित एग्री बिजनेस इंक्यूबेशन सेंटर द्वारा कृषि संबंधित स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए दो अभिनव कार्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। अभिनव कार्यक्रम के तहत युवाओं से कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों में ऐसे नवाचारी विचार आमंत्रित किए जा रहे हैं, जिस पर आधारित स्टार्टअप उद्योग शुरू किए जा सकते हैं। चयनित नवाचारी विचारों के लिए पांच लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसी प्रकार उदभव कार्यक्रम के तहत उन उद्यमियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं, जिनका कंपनी के रूप में पंजीयन हो चुका है। किसी के चयनित प्रस्तावों के व्यवसायीकरण के लिए पच्चीस लाख रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
