राजनांदगांव , राज्यों के पुनर्गठन के बाद अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण पत्र जारी किए जाने के संबंध में जाती प्रमाण पत्र संघर्ष मोर्चा एवं बौद्ध कल्याण समिति ने संभागयुक्त को ज्ञापन सौंपा है। अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ राज्य के संबंध में राष्ट्रपति के द्वारा जारी अधिसूचना 1 नवंबर 2000 से प्रभावशील है।
राज्य में अनुसूचित जाति, जनजाति का प्रमाण पत्र प्राप्त करने संबंधित व्यक्ति का 1 नवंबर 2000 की स्थिति में छत्तीसगढ़ राज्य का निवासी होना अनिवार्य है। अतः वर्ष 2000 की कट-ऑफ तिथि के आधार पर राज्य के कलेक्टरों को अनुसूचित जाति, जनजाति के जाति प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश देने का निवेदन किया गया। इस दौरान प्रदेश संयोजक रविन्द्र रामटेके, राजू बारमाटे, डॉ. केएल टांडेकर, डीपी लोनहरे आदि मौजूद रहे।
खरसिया। खरसिया क्षेत्र में बरसात का मौसम शुरू होते ही अवैध रेत उत्खनन का मामला…
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सशक्त नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार वन, वन्यजीव और जैव विविधता…
धमतरी। जिले में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन…
16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं पर राष्ट्रीय कार्यशाला में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा…
सुकमा : बंदूक छोड़ विकास की राह पर बढ़े मड़कम भीमा, शासकीय योजनाओं ने बदली…
रायपुर। राजधानी रायपुर में सोलर पैनल लगाने के दौरान बड़ी घटना हो गई. हाईटेंशन तार…