राजनांदगांव | सरकारी दफ्तरों और परिसरों में श्वानों (कुत्तों) का प्रवेश थमने का नाम नहीं ले रहा है। कलेक्ट्रेट, निगम, तहसील कार्यालय एवं अन्य दफ्तरों में उनकी उपस्थिति देखी जा सकती है। इसके अलावा स्कूलों में श्वान बचा हुआ मध्याह्न भोजन खाने वहीं मंडराते है।
कॉलेज परिसरों में यही स्थिति है। विगत दिनों उनकी निगरानी करने और निगम, जनपद को सूचना देने प्रोफेसर्स और शिक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है। यहां सुधार लाने की जरूरत है।
