राजनांदगांव , गर्मी बढ़ते ही शहर में पानी की डिमांड बढ़ गई है। इससे मोहारा एनीकट में मौजूद रॉ वाटर का लेवल भी लगातार गिरने लगा है। जिसके चलते 25 दिन के भीतर ​तीसरी बार रिजर्व वाटर की जरूरत पड़ गई है।

नगर निगम ने मोंगरा बैराज में रिजर्व कराए गए 300 एमसीएफटी पानी की खेप मंगाई है। 22 मार्च को मोंगरा से पानी छोड़ दिया गया है। जो अगले चार दिन में मोहारा एनीकट पहुंच जाएगा। इससे पूरे अप्रैल में पानी की सप्लाई करनी होगी। इधर लखोली इलाके में बने जलसंकट की स्थिति को लेकर कांग्रेस ने प्रदर्शन भी किया। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव निखिल द्विवेदी की अगुवाई में वार्डवासियों के साथ कांग्रेसियों ने लखोली चौक में मटकी फोड़कर प्रदर्शन किया।

कांग्रेसियों ने क्षेत्र में जलसंकट दूर कर व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की। बता दें कि लंबे समय से लखोली के कई हिस्सों में पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रही है। नलों की धार भी पतली हो गई है। इसके चलते वार्ड के लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। इधर प्रभावि​त हिस्सों में निगम प्रशासन ने टैंकर से आपूर्ति बढ़ा दी है। फिलहाल यह स्थिति है तो आने वाले समय में पेयजल संकट का अंदाजा अभी से लगाया जा सकता है। हालांकि नगर निगम ने दावा किया है किसी तरह की परेशानी नगर निगम क्षेत्र में नहीं होगी।

मार्च में ही रिजर्व पानी की जरूरत, बढ़ेगी समस्या नगर निगम ने होली के पहले मोखली एनीकट से 50 एमसीएफटी और मटियामोती से 300 एमसीएफटी पानी मंगाया था। जो लगभग अंतिम दौर में हैं। इसके बाद मार्च में ही मोंगरा बैराज से 300 एमसीएफटी पानी मंगाने की जरूरत पड़ गई है। 25 दिन के भीतर तीन बार पानी के इस्तेमाल संकेत है कि आगे पानी को लेकर समस्या गंभीर होने वाली है। हर साल अप्रैल में ही मोंगरा बैराज के रिजर्व पानी का इस्तेमाल हो रहा।

डिप्टी सीएम, सांसद, मेयर की तस्वीर लेकर प्रदर्शन कांग्रेस ने लखोली चौक में प्रदर्शन के दौरान डिप्टी सीएम अरुण साव, सांसद संतोष पांडेय, महापौर मधुसूदन यादव की तस्वीर को लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि लखोली इलाके में जलसंकट लगातार गहराता जा रहा है। जल्द आपूर्ति दुरुस्त नहीं हुई तो आगे पानी को लेकर उग्र आंदोलन किया जाएगा। मौके पर खाली मटके तोड़कर कांग्रेसियों ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान वार्ड की महिलाएं भी मौजूद रहीं।

शहर में रोजाना 4 करोड़ लीटर पानी की आपूर्ति हो रही है। इसके लिए तीन ट्रीटमेंट प्लांट का इस्तेमाल हो रहा। लेकिन पानी की फिजूल खर्ची रोकने में निगम असफल है। नलों से आने वाले पानी का इस्तेमाल सर्विस सेंटरों में कार व बाइक धोने के लिए किया जा रहा है। मोटर पंप का इस्तेमाल कर इससे लोग घरों के गार्डन सींच रहे हैं। लेकिन मोटर पंप को रोकने कार्रवाई नहीं हो रही। वहीं बगैर टोटी के सार्वजनिक नलों से भी पानी बह रहा है।

By kgnews

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