राजनांदगांव , जिलेभर में विभिन्न प्रकार की संस्था और ट्रस्ट के माध्यम से किसान सरकारी घास भूमि, राजगामी संपदा न्यास की भूमि में धान की खेती करते हैं। विगत वर्ष ऐसे 2036 किसानों को एग्री स्टेक पोर्टल में पंजीयन में छूट प्रदान की गई थी। लेकिन इस बार पंजीयन कराना अनिवार्य किया गया है। पंजीयन नहीं कराने पर वह समर्थन मूल्य में धान बेचने से वंचित हो सकते है। कृषि अफसरों के प्रयासों से अब तक करीब 2 हजार संस्था और ट्रस्ट के माध्यम से खेती करने वाले किसानों का पंजीयन किया गया है।
लगभग 28 संस्था और ट्रस्ट शेष बताए जा रहें है जो बड़े रकबे में खेती करते है। एग्री स्टेक पोर्टल में पंजीयन कराने उनसे लगातार संपर्क भी किया जा रहा है। इस सूची में कुमरदा, घुमका, छुरिया, डोंगरगांव, राजनांदगांव तहसील के अंतर्गत खेती करने वाले किसान शामिल है। कृषि विभाग के अफसर लगातार ऐसे किसानों से संपर्क कर रहें है। सभी का पंजीयन कराने का दावा किया गया है। बताया गया कि पंजीयन नहीं कराने वाले किसानों को समितियों के माध्यम से खाद का उठाव करने से लेकर जिले की समितियों से संबधित कामों में समस्या आ सकती है।
रिकार्ड दुरुस्त नहीं होने के कारण ऐसा जानकारी के अनुसार इन किसानों क द्वारा हर साल बड़े रकबे में धान का उत्पादन किया जाता है। वर्तमान में जिले की समितियों में खाद का भंडारण करने के बाद किसानों ने वितरण शुरू कर दिया है। इसी सूची में शामिल अन्य किसानों ने भी खाद का उठाव किया है। लेकिन अब तक पंजीयन नहीं कराने वाले किसानों ने अब तक स्वयं होकर कृषि अफसरों से संपर्क नहीं किया। वहीं कुछ किसान राजस्व रिकार्ड में समस्या और दूसरे कारणों के चलते एग्री स्टेक पोर्टल में पंजीयन कराने से वंचित है। समय रहते इस पर गंभीरता नहीं दिखाी गई।
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