छत्तीसगढ़ विधानसभा में बुधवार को बेरोजगारी भत्ता का मुद्दा खूब गरमाया। अजय चंद्राकर ने रोजगार कांर्यालय में पंजीयन की योग्यता जानने से शुरुआत की।

चंद्राकर ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार दावा करती है कि उसके लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है, लेकिन बेरोजगारी का आंकड़ा जुटाने वाली संस्था इससे अलग आंकड़े देती है।

बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने बेरोजगारी भत्ते से जुड़े सवाल पर उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल के जवाब से विपक्ष असंतुष्ट दिखा। इस दौरान दोनों तरफ से तीखी नोंकझोंक हुई।

भाजपा के अजय चंद्राकर ने प्रदेश में बेरोजगारी भत्ता देने के लिए नियम शर्तों की जानकारी मांगी। उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल के जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं दिखा।

अजय चंद्राकर की टिप्पणी से सत्ता पक्ष के लोग बिफरे, जिसके बाद हंगामे की स्थिति बन गयी। विधानसभा अध्यक्ष ने खड़े होकर हंगामा शांत कराया।
चर्चा के दौरान अजय चंद्राकर ने कहा कि पंजीयन के लिए योग्यता कुछ भी नहीं है, तो क्या मैं भी जाकर अपना पंजीयन करा सकता हूं।

जवाब में मंत्री उमेश पटेल ने कसा तंज, कहा कि, वैसे अजय चंद्राकर जी अभी जाकर पंजीयन कराएंगे तो उनका भी हो जाएगा,लेकिन वर्तमान में विधायक हैं अभी न जाएं,नहीं तो मैसेज अच्छा नहीं जाएगा।

अजय चंद्राकर ने पंजीयन की योग्यता को लेकर कोई नियम नहीं होने की बात कही, जिस पर अजय चंद्राकर ने कहा कि बेरोजगारी पंजीयन के लिए उम्र की बाध्यता नहीं है ये हास्यास्पद है।

मंत्री उमेश पटेल ने बताया कि 20 जून 2023 की स्थिति में 1,72,553 ने बेरोजगारी भत्ता हेतु पंजीयन कराया है , 20 जून 2023 की स्थिति में 1,14,764 पात्र एवं 33559 अपात्र हुए है। जिसके बाद अजय चंद्राकर ने कहा कि बिना किसी को नौकरी दिए 33 हजार 659 अपात्र हो गए?
शिवरतन शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बेरोजगारों को गुमराह किया जा रहा है।

भाजपा के सदस्य इस मामले में मंत्री के जवाब से असंतुष्ट नजर आए। चंदेल ने कहा की बेरोजगारी का मापदंड रोज बदला जा रहा है। भाजपा सदस्यों ने हंगामा किया।

By kgnews

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