राजनांदगांव। राजनांदगांव शहर एवं जिले का नाम देश में कई खेलों में उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए पहचाना जाता है वहीं राजनांदगांव जिला हॉकी की नर्सरी के नाम से भी प्रसिद्ध है।

इसी के साथ ही राजनांदगांव जिले में कई वर्षो से संचालित होने वाला खेल है ‘तीरंदाजीÓ खेल ने राजनांदगांव का नाम देश एवं विदेशों में गौरान्वित किया एवं राजनांदगांव जिले की एक अलग पहचान बनाई है। विगत् कई वर्षो से यह खेल राजनांदगांव जिले में खेला जा रहा है जिसमें तीरंदाजी के खिलाड़ी बढ चढ़कर हिस्सा ले रहे है और कई नए खिलाड़ी जुड रहे है।
राजनांदगांव जिले में खिलाडिय़ों ने ही मिलकर अपना एक ”संस्कारधानी तीरंदाजी संघÓÓ नामक पंजीकृत संस्था भी तैयार कर लिया है, जिसके माध्यम से कई खिलाड़ी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। इस संघ के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर मेडल प्राप्त कर संस्कारधानी का नाम रौशन कर रहे है।
राजनांदगांव जिले में तीरंदाजी की एक नई नीव रखने के लिए छात्रों द्वारा ही मिलकर राजनांदगांव जिले के लिए ‘संस्कारधानी तीरंदाजी संघ का गठन किया गया जिसमें खिलाडियों सहित मुख्य रूप से कोच राहुल साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

राजनांदगांव के कोच राहुल साहू ने विगत् 8 वर्षो से खिलाडिय़ों को प्रशिक्षण दे रहे है साथ ही उनके द्वारा तैयार टीम ने राज्य एवं देश में होने वाले कई प्रतियोगिताओं में शामिल होकर उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ उपलब्धि हासिल कर संस्कारधानी का नाम गौरान्वित कर रही है।
इसी के साथ ही एसोशिएशन में जिले में तीरंदाजी खेल में कुशल रजक द्वारा एन आई एस प्रशिक्षण प्राप्त कर खिलाडिय़ों को बेहतर तरीके से खेल की बारिकियों से अवगत करा रहे है जिससे खिलाड़ी अपने तीरंदाजी के खेल में सुधार कर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सके।
इस संदर्भ में कोच राहुल साहू ने बताया कि अब तक संस्कारधानी (राजनांदगांव) से कुल 20 से अधिक खिलाडिय़ों ने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल की है जिसमें पार्वती साहू, कुशल रजक (एन आई एस प्रशिक्षक) , कपील नारायण राजपूत, रेणु साहू, नीलम कोड़ापे, अंजली यादव, तरूण उईके, अमित यादव, शिव महोबिया, सत्यम महोबिया, रश्मि साहू, चंदन कुमार साहू, खोमेन्द्र साहू, समृद्धि तिवारी सहित अन्य खिलाड़ी शामिल है।
कोच राहुल साहू एवं संस्कारधानी तीरंदाजी संघ के सराहनीय पहल और मेहनत से राजनांदगांव जिले को इस खेल में नई पहचान हासिल होगी साथ ही खिलाडियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन से राजनांदगांव जिले का नाम देश एवं विदेश गौरान्वित होगा। उल्लेखनीय है कि तीरंदाजी खेल अपेक्षाकृत महंगा होने एवं खिलाडिय़ों की प्रतिभा से प्रभावित होकर राजनांदगांव के प्रबुद्धजनों एवं युवा समाजसेवियों ने भी इन खिलाडिय़ों के सहयोग हेतु पहल की है।
