छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित होलीक्रास अस्पताल में फर्जी सर्टिफिकेट से डॉक्टर बनकर प्रैक्टिस कर रही युवती को कोर्ट ने शुक्रवार को जेल भेज दिया है। युवती चोरी के सर्टिफिकेट व दस्तावेजों के माध्यम से अस्पताल में डेढ़ साल तक प्रैक्टिस करती रही। पुलिस ने युवती को गुरुवार को गिरफ्तार किया था। इसके बाद अब उसके सहयोगी सहयोगी युवक को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने चोरी के सर्टिफिकेट में फोटो और अन्य बदलाव किए थे। जिसके चलते डेढ़ साल से वह मरीजों की जान से खेल रही थी। 

कोतवाली प्रभारी राजेश सिंह ने बताया कि लहपटरा के शासकीय अस्पताल में पदस्थ डॉ. खुशबू साहू की रिपोर्ट पर पुलिस ने होलीक्रास अस्पताल में उनके नाम से प्रैक्टिस कर रही वर्षा वानखेड़े को गिरफ्तार किया था। डा. खुशबू साहू का सर्टिफिकेट एवं अन्य दस्तावेज मार्च 2021 में रायपुर के एमएमआई हॉस्पिटल में चिकित्सक पद पर ज्वाइन करने के लिए जाने के दौरान रायपुर से चोरी हो गए थे। खुशबू साहू को 19 जुलाईको पता चला कि एक युवती उनके नाम पर अंबिकापुर के होलीक्रास हास्पिटल में प्रैक्टिस कर रही है। 

पुलिस जांच में आरोपी वर्षा वानखेड़े (27) ने पुलिस को बताया कि उसने वर्ष 2021 में एमएमआई हॉस्पिटल से डा. खुशबू साहू का एमबीबीएस सर्टिफिकेट सहित सम्पूर्ण शैक्षणिक दस्तावेज चोरी कर लिया था। इसके बाद अंबिकापुर आ गई। यहां गांधीनगर में उसने अंबिकानाथ सूर्यवंशी (46) से संपर्क किया। उसने डॉ. खुशबु साहू के नाम के एमबीबीएस सर्टिफिकेट सहित सम्पूर्ण शैक्षणिक दस्तावेजों में फोटो वर्षा वानखेड़े का लगा दिया व अन्य बदलाव भी कर दिए। दस्तावेजों में हेरफर कर वर्षा वानखेड़े चिकित्सक के रूप में कार्यरत हो गई। हॉस्पिटल प्रबंधन द्वारा कराए गए अनुबंध पत्र में भी अंबिकानाथ सूर्यवंशी पहचानकर्ता के रूप में भी शामिल रहा।

By kgnews

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