भारतीय नगर स्थित अय्यप्पा मंदिर में तीन दिवसीय 30 वां थिरुलसवम उत्सव विष्णु पूजा के साथ शुरू हो गया है। यह आयोजन दो फरवरी तक चलेगा।थिरुलसवम उत्सव के पहले दिन सुबह छह बजे से अष्टद्रव्य महागणपति होमम के साथ आयोजन की शुरुआत की गई। इस मौके पर मंदिर समिति के सभी सदस्य व पुजारियों की उपस्थिति रही। सुबह सात बजे से आचार्य वर्नम और प्रसाद शुधि का अनुष्ठान किया गया। वहीं सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक भागवद परायणम का आयोजन किया गया। इसमें भागवत कथा का वाचन हुआ। वहीं शाम 6.30 बजे दीप आराधना की गई। शाम सात बजे विष्णु पूजा हुई। यह पूरे दिन का सबसे खास आयोजन था। इस दौरान मंदिर समिति के सभी सदस्य, पुजारी व बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। रात नौ बजे पूजन व प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
आज होगा महामृत्युंजय होमम
आयोजन के दूसरे दिन मुख्य कार्यक्रम महामृत्युंजय होमम का रहेगा। हालांकि सुबह छह बजे अष्टद्रव्य महागणपति होमम से दूसरे दिन का कार्यक्रम शुरू होगा। फिर सुबह सात बजे से वास्तुबली, वास्तुपुण्यहम, वास्तुहोमम अष्टकलशाभिशेकम, कलभाभिषेकम रक्षाधनम होमम के अनुष्ठान किए जाएंगे। इसी कड़ी में महामृत्युंजय होमम होगा। फिर सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक भागवद परायणम होगा, जिसमें पहले दिन की कथा को आगे बढ़ाते हुए भागवत कथा सुनाई जाएगी। शाम 6.30 बजे दीप आराधना होगी। वहीं शाम सात बजे महाभगवती सेवा होगी। रात नौ बजे पूजन व प्रसाद वितरण के साथ दूसरे दिन का कार्यक्रम पूरा होगा।
अंतिम दिन नूरुम पालुम, पाढ़ी पूजा व पुष्पाभिषेकम
आयोजन के तीसरे व अंतिम दिन दो फरवरी को विभिन्न् अनुष्ठान होंगे। शुरुआत अष्टद्रव्य महागणपति होमम से ही की जाएगी। सुबह सात बजे चाथु शुधि, धारा, पंचकम, पंचजाग्व्यम, कलशाभिषेकम और कलभाभिषेकम के अनुष्ठान किए जाएंगे। सुबह 10 बजे श्रीभुताबली अनुष्ठान के बाद सुबह 11 बजे से नूरुम पालुम के अनुष्ठान किए जाएंगे। दोपहर एक बजे अन्न्दानम की विधि अपनाई जाएगी। वहीं शाम पांच बजे पुजारियों की उपस्थिति में पाढ़ी पूजा यानी सीढ़ी पूजन का अनुष्ठान होगा। शाम 6.30 बजे दीप आराधना होगी। वहीं रात आठ बजे पुष्पाभिषेकम होगा। रात नौ बजे से पूजन व प्रसाद वितरण के साथ ही तीन दिवसीय आयोजन पूर्ण होगा।
कोरोना गाइड- लाइन का करेंगे पालन
पूरे आयोजन के दौरान कोरोना को लेकर शासन की ओर से जारी सभी गाइड- लाइन का पालन किया जाएगा। पदाधिकारियों ने भी इसके लिए सभी श्रद्धालुओं से अपील की है।
