कोविड-19 कोरोना वायरस की पहली, दूसरी और तीसरी लहर की मार झेलने के बाद भी कई लोग अब भी लापरवाही बरत रहे हैं। सेकंड और बूस्टर डोज लगाने में ढिलाई बरती जा रही है। यही वजह है कि जिले में कोविड की चौथी लहर की भी संभावना बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से तो अलर्ट भी जारी कर दिया गया है और प्रोटोकाल को फिर से अपनाने की समझाइश दी जा रही है। कोविड का वायरस मार्च माह तक सक्रिय रहा फिर अचानक तीन माह के अंतराल बाद कोविड के केस फिर से आने लगे हैं। सृष्टि कॉलोनी क्षेत्र में एक ही परिवार के पांच सदस्य संक्रमित पाए गए हैं।
लंबे समय के बाद प्रशासन को कंटेनमेंट बनाने की जरूरत पड़ गई है। खबर है कि संक्रमित परिवार मध्यप्रदेश से लौटे थे। घर वापस आने के तीन, चार दिन के बाद एक सदस्य की तबीयत बिगड़ी तब सैंपलिंग ली गई। इसके बाद कॉन्टैक्ट में आए परिवार के अन्य सदस्यों का सैंपल लिया गया तो सभी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
अचानक एक ही परिवार के पांच सदस्यों के संक्रमित होने से जिला प्रशासन सकते में आ गया है। सप्ताहभर पहले ही कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने पड़ोसी राज्यों और शहरों की स्थिति को देखते हुए अलर्ट भी जारी किया था और लोगों से अपील की गई थी कि वे प्रोटोकाल का पालन करें। जिले में अचानक कोविड संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। 11 एक्टिव केस बताए जा रहे हैं। राजनांदगांव शहर सहित खैरागढ़ इलाके में कोविड संक्रमित मिले हैं। इनकी हिस्ट्री से पता चला है कि ये दूसरे शहर या फिर राज्य से लौटे थे, जहां पर अब कोविड का कहर बरपा हुआ है। डीएचएस में एक मरीज भर्ती है तो वहीं अन्य होम आइसोलेट बताए जा रहे हैं।
पॉजिटिव दर शून्य हो गई थी, कम ले रहे थे सैंपल
जिले में 4 मार्च को ही एक साथ पांच केस सामने आए थे। इसके बाद संक्रमण दर शून्य की ओर बढ़ गया था। लगातार शून्य दर आने की वजह से जिले में कोविड सैंपलिंग भी पहले से कम कर दी गई थी। केवल उन्हीं मरीजों का सैंपल लिया जा रहा था, जिनका ऑपरेशन होना है या फिर वे सर्दी, खासी या फिर गंभीर रूप से बीमार हैं। गर्भवतियों के साथ ही अन्य बीमारी से पीड़ित मरीजों का ही सैंपल हो रहा था। आरटीपीसी सैंपलिंग भी बंद कर दी गई थी। गिनती के ही मरीजों की सैंपल जांच हो रही थी।
13 लाख 50 हजार 921 लोगों को लग चुका टीका
मार्च माह के पहले तक वैक्सीनेशन की रफ्तार भी बढ़िया थी। लोग स्वयं होकर वैक्सीन का डोज लगवाने आ रहे थे। इसके बाद रफ्तार धीमी पड़ गई। जिले में अब तक टोटल डोज 13 लाख 50 हजार 921 लोगों को लग चुका है। दूसरी डोज 11 लाख 40 हजार 248 को लगा है। यानी की पहली डोज लगाने के बाद बड़ी संख्या में लोग दूसरी डोज से पीछे चल रहे हैं। बूस्टर डोज केवल 25 हजार 815 लोगों को ही लग पाया है। इस तरह सभी को मिलाकर जिले में कुल 25 लाख 16 हजार 984 डोज लगाए गए हैं।
समीक्षा रिपोर्ट: टीका नहीं लगवाने वाले संक्रमित हुए
स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई समीक्षा में यह बात भी सामने आई है कि तीसरी लहर में सबसे ज्यादा वही लोग प्रभावित हुए हैं, जिन्होंने टीकाकरण में लापरवाही बरती। यानी की पहला डोज लगाने के बाद दूसरी डोज से पीछे रहे या फिर वैक्सीन की एक भी डोज नहीं लगा पाए और बीमार हो गए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में यह तथ्य भी सामने आएं हैं कि टीका नहीं लगवाने वाले संक्रमित हुए और क्रिटिकल कंडीशन में जाने के बाद मृत हो गए। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार अब तक जिले में कोविड संक्रमण से 563 लोगों की मौत हो चुकी है।
वैक्सीनेशन बढ़ाने के लिए अब ग्रामीण स्तर पर भी लगाया जा रहा कैंप
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ बीएल तुलावी ने बताया कि वैक्सीनेशन के साथ ही सैंपलिंग के लिए सेंटर खोल दिए हैं। दिग्विजय स्टेडियम परिसर में सुबह 8 से शाम 8 बजे तक सैंपलिंग की जाएगी। टीकाकरण को बढ़ाने के लिए ग्रामीण स्तर पर भी कैंप लगा रहे हैं। जल्द स्कूलों में भी वैक्सीनेशन शुरू करेंगे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एंटीजन पॉजिटिव दर 01.51 प्रतिशत बताया जा रहा है।
