रविवार रात ओडिशा के मूर्ताहांडी के पास हुए भीषण सड़क हादसे से जगदलपुर ब्लाक के ग्राम कलचा में गमों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना में एक ही समाज व मोहल्ले के नौ महिलाओं की मौत के बाद गांव में मृतकों के स्वजनों व रिश्तेदारों के रूदन और चित्कार के दृश्य से हर व्यक्ति द्रवित देखा गया। सोमवार दोपहर जैसे ही नौ शव सरकारी एंबुलेंस से गांव भेजे गए। लोगों में चीख-चित्कार मच गई। दोपहर पौने 12 बजे मेकाज मरच्यूरी से शवों को गृहग्राम भेजा गया। जैसे ही शवों को एबुंलेंस से उतारा गया, परिवार की बुजुर्ग महिलाएं गश खाकर गिर पड़ीं। गांव में ऐसा मातमी माहौल था कि चारों ओर मरघट सा सन्न्ाटा पसरा हुआ था। आसपास की सभी दुकानें बंद थीं।अंत्येष्टि पर संसदीय सचिव व विधायक रेखचंद जैन, भाजयुमो नेता मनीष बाफना, महेश कश्यप, विहिप नेता हरि साहू, भाजपा नेता सुब्रतो विश्वास समेत एसडीएम जीके मरकाम, तहसीलदार मधुकर सिरमौर, एसडीओपी भानपुरी उदयन बेहार मुक्तिधाम पहुंचे थे। विधायक जैन ने अर्थी को कंधा दिया व मृतकों के स्वजनों को सांत्वना दी। भतरा समाज की परंपरा अनुसार मुक्तिधाम में दाह संस्कार किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के सदस्य व आसपास के जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
दुधमुंही बच्ची को छोड़ चल बसी फूलो
गांव के सरपंच कमल नाग के छोटे भाई की पत्नी फूलो नाग अपनी तीन वर्षीय दुधमुंही बच्ची को छोड़ गई। बताया गया कि सरपंच के रिश्तेदारी में ही ओडिशा में दशगात्र था। रविवार की रात सरपंच नाग के परिवार के लिए आफत भरी थी। उनकी बहु फूलो व भतीजी नीलम दोनों की इस हादसे में मौत हो गई। फूलो के चार बच्चे हैं। सबसे छोटी पुत्री संजना महज तीन वर्ष की है। उससे बड़ा पुत्र जागे, पुत्री दीपिका सबसे बड़ा पुत्र रूपेश है। पड़ोसियों के अनुसार चारों बच्चे भी ओडिशा जाने की जिद कर रहे थे लेकिन उनकी मां फूलो ने घर में रहने की हिदायत दी थी। मां की मौत से बेखबर संजना को यह भी नहीं मालूम कि उसकी मां अब कभी लौटकर नहीं आ सकेगी।
दशगात्र में गई थीं महिलाएं
बताया गया कि कलचा के सरपंच कमल नाग के छोटे भाई के ससुराल मूर्ताहांडी (ओडिशा) में एक रिश्तेदार की मृत्यु हो गई है। उसके दशगात्र में शामिल होने भतरापारा कलचा की 25 महिलाएं और पांच बच्चे मंदर कश्यप की नई पिकअप में सवार होकर 25 किमी दूर मूर्ताहांडी के लिए रविवार दोपहर 12 बजे निकले थे। मृत्युभोज पश्चात शाम साढ़े छह बजे जब वे कलचा लौट रही थीं तभी यह दर्दनाक हादसा हुआ। अनियंत्रित पिकअप पेड़ से टकरा गई और तीन बार उलटने के बाद खेत में पलट गई। बताया गया कि अधिकांश महिलाएं पिकअप में खड़ी थीं। पिकअप में सवार पांच बच्चों को खरोंच तक नहीं आई है।
साढ़े सात बजे मिली खबर
सड़क दुर्घटना के पहली खबर बस्ती के रघुनाथ सेठिया को मिली। उन्होंने ही इस घटना की जानकारी भतरापारा कलचा पहुंचाई। शाम साढ़े सात बजे जब यह खबर बस्ती पहुंचे तब ग्रामीण भोजन करने की तैयारी में थे। जैसे ही परिवार के महिलाओं की मौत की खबर मिली। पूरी बस्ती से रोने की आवाजें गूंजने लगी। शनिवार शाम से लेकर रविवार शाम तक बस्ती में किसी के घर चूल्हा नहीं जला
एक साथ अंतिम संस्कार
सड़क दुर्घटना में मृत्यु नौ महिलाओं के डेडबाडी सोमवार को पौने 12 बजे तीन एंबुलेंस से भतरापारा पहुंची। इनके पहुंचते ही रोने की आवाजें और तेज हो गई। करीब सवा 12 बजे छह घरों से नौ अर्थियां निकली। इन सभी का तुरेनार मार्ग स्थित मरघट में परंपरानुसार दाह संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में पूरी बस्ती शामिल हुई थी वहीं आसपास के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में जुटे इसलिए कलचा गांव में सन्न्ाटा पसरा रहा। दोपहर ढाई बजे तक अंतिम संस्कार का दौर चलता रहा। इस घटना की जानकारी जैसे ही जिला प्रशासन को मिली एसडीएम व अन्य अधिकारी कलचा पहुंच गए थे। वन विभाग द्वारा जलाऊ लकड़ी की व्यवस्था की गई। स्थानीय विधायक रेखचंद जैन पहले कोटपाड़ अस्पताल पहुंचे और मृतकों का शव परीक्षण करवाने के बाद सीधे कलचा लौट अंतिम संस्कार में शामिल हुए।

