एक तरफ जिले में मलेरिया अभियान का आठवां चरण चल रहा है। वहीं मलेरिया से एक 12 वर्षीय एक बच्ची की मौत हो गई और उसका भाई अभी भी मौत से जूझ रहा है।

इस मामले में आपको बता दें कि जहां पर मलेरिया से मौत हुई है वहां पर महकमा ने न तो किसी प्रकार का कैंप लगाया है, ना ही स्कैनिंग किया जा रहा है।

दरअसल, मलेरिया मुक्त बस्तर के अभियान के तहत कोंडागांव जिले में मलेरिया के अभियान को लेकर आठवां चरण चालू किया गया था फिर भी 12 साल की मासूम बच्ची की मौत मलेरिया से हो गई।

अस्पताल प्रबंधन के द्वारा अनेक प्रयास करने के बाद भी बच्ची को नहीं बचाया गया। कोंडागांव के मुगड़ी पंचायत मरवाबेडा में दसरू नेताम की 12 वर्षीय बेटी जागेश्वरी की बुधवार को मलेरिया से मौत हो गई।

बच्ची का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा था, वहीं उसका सात वर्ष का भाई अर्जुन भी मलेरिया से पीड़ित है और अस्पताल में भर्ती है।

भाई भी अस्पताल में भर्ती
बता दें कि मलेरिया से मौत के मुंह में समाई जागेश्वरी का सात साल का भाई अर्जुन भी मलेरिया से पीड़ित है और अस्पताल में भर्ती है। हालांकि अर्जुन की स्थिति सामान्य है। इस गंभीर मामले आने के बाद भी स्वास्थ्य महकमा प्रभावित क्षेत्र में नहीं पहुंचा, जब पूरे बस्तर संभाग में मलेरिया मुक्त अभियान चलाया जा रहा है जिसका आठवां चरण है फिर भी इतनी बड़ी घटना हो स्वास्थ्य महकमें की लापरवाही को दर्शाता है।

कोंडागांव सिविल सर्जन आर सी ठाकुर का कहना है कि बच्ची को बहुत सारे झटके लग रहे थे और स्थिति बहुत खराब थी, जिसके कारण जान बचाना मुश्किल हुआ।

By kgnews

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