राजधानी से लगे अभनपुर विकासखंड के 156 शिक्षकों ने कोरोना काल में बड़े आकार की ऐसी किताबें तैयार की हैं, जिनकी मदद से बच्चे रोचक और आसान तरीके से अक्षर ज्ञान, अंग्रेजी के अल्फाबेट और गणित की प्रारंभिक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
इससे उन्हें याद करने में सहूलियत होगी। उनकी कल्पनाशीलता बढ़ेगी, क्योंकि इन रंगीन किताबों की तरह ही उनसे भी किताब तैयार कराई जाएगी। खास बात यह कि तय शारीरिक दूरी का पालन करते हुए बच्चों को पढ़ाया जा सकेगा। शिक्षकों ने इसे बिग बुक नाम दिया है।
फिलहाल इसकी सवा सौ प्रतियां तैयार की गई हैं। स्कूल शिक्षा विभाग इसे प्रदेश के सभी स्कूलों के लिए अनिवार्य कराने प्रयासरत है। शिक्षकों ने बताया कि कोरोना के चलते मोहल्लों में लगने वाली पाठशाला में बच्चों से दूरी बनाकर पठन-पाठन का कार्य किया जा रहा था।
ऐसे में किताबों के छोटे अक्षरों को उन्हें दिखाने, बताने और समझाने में बड़ी दिक्कत हो रही थी। इस पर बड़े-बड़े चित्रों वाली किताब तैयार करने का विचार आया।
12 सहायक शिक्षकों ने मिलकर इसकी शुरुआत की। नेतृत्व हेमंत कुमार साहू कर रहे थे। इस टीम में अभय झा, सदानंद मेहर, अंकिता, फैजरामनार, दीपक ध्रुवंशी, बसंत दीवान, ऋषि पांडेय, गिरधर साहू, सोमा बनिक, नागेन्द्र कंसारी और उकेश तारक शामिल थे। हेमंत ने बताया कि इस किताब को छत्तीसगढ़ी में भी लिखा गया है।
बिग बुक के फायदे
शासकीय प्राइमरी स्कूल भरेंगाभाठा अभनपुर के सहायक शिक्षक ऋषि पांडेय ने बताया कि इस बुक में बड़े-बड़े रंगीन चित्र बनाए गए हैं, जो बच्चों को रोमांचित करते हैं।
मेंढक का नाश्ता, मछली की कहानी, कौन बोला म्याऊं जैसे पाठ हैं, जिससे बच्चे आसानी से जुड़ जाते हैं। बच्चों को अपनी बिग बुक बनाने को भी कहा जाता है। इससे उनकी कल्पनाशीलता बढ़ेगी। अपनी पसंद की कहानी लिखने, चित्र बनाने, कविता लिखने आदि के लिए प्रेरित किया जा सकेगा।
इस तरह की सामग्री है किताब में
अंग्रेजी : थैंक यू वर्ड, माय फेमली, माय बाडी पार्ट्स, ए टू जेड फ्रूट्स एंड वेजीटेबल आदि अध्याय की किताबें बनाई हैं।
हिंदी : अक्षर के जोड़, बूझो पहेलियां, तोता, चलना सीखना, मछली की कहानी, मेंढक का नाश्ता आदि।
गणित : अंकों को जोड़ो, मापना, आंकना आदि पर रोचक किताबें हैं।स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डा. आलोक शुक्ला ने कहा कि शिक्षकों ने बहुत ही सराहनीय पहल की है। बिग बुक से पढ़ाई का बच्चों पर किस तरह से असर पड़ा है, इसका अध्ययन कर पूरे प्रदेश में इसे लागू करने की तैयारी है।
