राजनांदगांव। कोरोना संक्रमण के मामलों के बीच लोगों की स्वस्थ सेहत के लिए स्वास्थ्य विभाग ने हरसंभव प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में गुरूवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सीरो सर्वे किया गया। राजनांदगांव और डोंगरगढ़ ब्लाक में सर्वे कर इसकी शुरुआत की गई।
सीरो सर्वे, संक्रामक बीमारियों के संक्रमण को चिन्हित करने के लिए कराए जाते हैं। इस सर्वे को एंटीबॉडी सर्वे भी कहा जाता है। इस सर्वे में ब्लड सैंपल लेकर उसकी जांच कर संक्रामक बीमारी के खिलाफ शरीर में पैदा हुए एंटीबॉडी का पता लगाया जाता है। राजनांदगांव और डोंगरगढ़ ब्लाक में दिल्ली और रायपुर की टीम के माध्यम से यह सर्वे किया जा रहा है।
इस संबंध में सीएमएचओ राजनांदगांव डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया कि इसी टीम की निगरानी में विभागीय कर्मचारी सैंपल कलेक्शन का काम कर रहे हैं। गुरूवार को सर्दी और खांसी के कई मरीजों का ब्लड सैंपल लिया गया। उन्होंने बताया राजनांदगांव और डोंगरगढ़ ब्लाक में तीन-तीन क्लस्टर बनाकर सीरो सर्विलांस का काम किया जाएगा। राजनांदगांव में सुरगी, रेंगाकठेरा और नवागांव क्लस्टर तथा डोंगरगढ़ में राका, मुरमुंदा और मेढ़ा क्लस्टर बनाए गए हैं। प्रत्येक क्लस्टर से 84-84 सैंपल लिए जाएंगे। इसके बाद सभी सैंपल को जांच के लिए रायपुर के लैब में भेजा जाएगा।
कर्मचारियों को दिया प्रशिक्षण
जिले में सीरो के सर्वे के लिए दिल्ली और रायपुर से आई टीम ने राजनांदगांव के स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को इसके लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया है। अब केन्द्र और राज्य की टीम की देख-रेख में यहां की टीम सैंपल कलेक्शन का काम करेगी और जांच के लिए सैंपल रायपुर भेजा जाएगा।
सीरो सर्वे से यह होगा फायदा
सीरो सर्वेक्षण में ब्लड के सीरम का परीक्षण किया जाता है और इसके जरिए देखा जाता है कि संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडीज का विकास शरीर में हुआ है या नहीं। इतना ही नहीं, सर्वे के माध्यम से यह अनुमान लगाया जा सकेगा कि उस क्षेत्र में कोरोना का प्रकोप कितना था और कितने प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडीज बन गई है। सर्वे में कम एंटीबॉडी वाले इलाकों में गंभीरता से काम करने में मदद मिलेगी।
लोगों में जागरूकता पर जोर
राजनांदगांव कलेक्टर ने भी बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए दिल्ली और रायपुर की टीम द्वारा गुरूवार को जिले में सीरो सर्वे किया गया। इसके अलावा टीम ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को भी प्रशिक्षित किया है। केन्द्र और राज्य की टीम की देख-रेख में अब स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी सैंपल कलेक्शन का काम करेंगे। इसके साथ ही लोगों में जागरूकता लाना भी बहुत जरूरी है। इसके लिए अभियान चलाकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसके द्वारा ही कोरोना से मृत्यु दर को कम किया जा सकता है। कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण से सिर्फ प्रोटोकाल का पालन करके बचा जा सकता है। इसके लिए सभी को सतर्क रहना जरूरी है। मास्क लगाने और सुरक्षित शारीरिक दूरी का पालन करने से ही इसके संक्रमण से बचा जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में सभी सीईओ, सरपंच, पंचायत सचिव के माध्यम से लोगों को जागरूक करें। कलेक्टर ने कहा कि कोरोना की इस विषम परिस्थिति में सिर्फ आवश्यक वस्तु खरीदने के लिए ही घर से बाहर निकलें।
