राजनांदगांव। जिला पंचायत के संचार एवं संकर्म विभाग के सभापति अशोक देवांगन ने राज्य सरकार से कोरोना महामारी के चलते उपजे आपातकाल के दौरान किसानों को राहत पहुंचाने के लिए धान खरीदी किड डिफरेंस राशि को तत्काल उनके खाते में डालने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने सत्ता में आने के पूर्व किसानों से वादा किया था कि किसानों की मेहनत और पसीने से उगाई हुई धान का 2500 रुपये प्रति मि्ंटल समर्थन मूल्य से खरीदी जायेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ मोटा धान 1815 रुपये व पतला धान 1835 रुपये प्रति मि्ंटल के हिसाब से खरीदी की गई। अब कम से कम आपातकाल के दौरान तो किसानों को निर्धारित समर्थन मूल्य 2500 और खरीदी किए गए मूल्य के बीच की डिफरेंस की राशि यदि किसानों के खाते में डाल दिया जाये तो किसानों को राहत दी जा सकती है। जैसे मोटा धान का निर्धारित समर्थन मूल्य 2500 रुपये और खरीदी मूल्य 1835 रुपये राशि का अंतर 665 रुपये प्रति मि्ंटल इसी प्रकार पतला धान का समर्थन मूल्य 2500 रुपये खरीदी मूल्य अंतर राशि प्रति मि्ंटल 685 रुपये यदि किसानों के खाते में जमा करवा दिया जाए तो किसानों को तत्कालीक राहत मिल सकती है। चूंकि पूरा देश अभी कोरोना महामारी के कारण लाकडॉउन् के नियम का पालन कर रहा है, जिसके चलते सभी काम धंधा बंद है और परिवार को पालने के लिए रोजी रोटी की समस्या सामने आ रही है, यदि इस विपत्ति के समय अन्नदाता को राज्य सरकार थोड़ी मदद कर दे तो किसानों के कुछ राहत मिल सकती है। अभी लगभग 2 माह बीत चुका है प्रति 1 एकड़ 15 मि्ंटल धान बेचना निर्धारित किया गया था राज्य सरकार की तरफ से उसकी अंतर राशि किसानों के खाते में जमा करने से किसानों को राहत मिल सकती हैं।
