देश के इतिहास और पौराणिक कथाओं पर आधारित अब तक सिनेमा बहुत सी कहानियां पर्दे पर दिखा चुका है। आने वाले समय में भी ‘पृथ्वीराज’ समेत कई ऐतिहासिक कहानियां बड़े पर्दे के लिए तैयार हो रही हैं। इन कहानियों के बारे में दिग्गज अभिनेता मनोज बाजपेयी का मानना है कि हिंदी सिनेमा में ऐतिहासिक और पौराणिक फिल्मों को इस तरह पेश किया जाता है जैसे वह प्राणी इस दुनिया के थे ही नहीं। मनोज ने कहा कि अगर उन्हें भविष्य में ऐसी कोई कहानी कहने का मौका मिलता है तो वह उन्हें आज के लोगों जैसी जीवित कहानी बनाना चाहेंगे।
