तमिलनाडु में एक बार फिर बालू माफिया की दरिंदगी सामने आई है। एक सरकारी विज्ञप्ति के मुताबिक, थूथुकुडी जिले में मंगलवार को एक ग्राम प्रशासनिक अधिकारी (वीएओ) की कार्रवाई से नाराज दो सदस्यीय गिरोह ने उनकी हत्या कर दी। हालांकि पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है वहीं उनमें से एक के खिलाफ  रेत की तस्करी का मामला दर्ज कराया गया था। इस घटना पर सीएम स्टालिन ने शोक व्यक्त किया और मुख्यमंत्री जन राहत कोष से मुआवजा देने की घोषणा की।

हत्या को भयावह करार देते हुए मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने मृत अधिकारी के परिजनों को एक करोड़ रुपये के मुआवजे और मारे गए वीएओ के परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने मारे गए वीएओ की कर्तव्य की भावना और काम के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की और साथ ही सीएम ने कहा कि उनकी हत्या से दुख और पीड़ा हुई है। आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस जांच जारी है।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि थूथुकुडी जिले के श्रीवैकुंडम तालुक में मोरप्पनाडु कोविलपथु के वीएओ 53 वर्षीय लूर्डेस फ्रांसिस मंगलवार को अपने कार्यालय में काम कर रहे थे। तभी दो लोगों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया था, उनके सिर और हाथों में गंभीर चोटें आईं थीं और उन्हें तिरुनेलवेली सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया और वहां उन्होंने दम तोड़ दिया।

वीएओ पर हमला करने वाले दो लोगों में से रामसुब्बू नाम के एक व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, रामासुब्बू गुस्से में था क्योंकि वीएओ द्वारा पुलिस में एक शिकायत के बाद उसके खिलाफ रेत तस्करी का मामला दर्ज किया गया था। उसने एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर अधिकारी पर हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौत हो गई।

By kgnews

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