राजनांदगांव। मोदी सरकार द्वारा लोकसभा में किसान विरोधी विधेयक पारित कर कृषि करने वाले किसानों के शोषण पर उतर आई है। देश के 60 फीसदी 2 तथा 5 एकड़ वाले लघु एवं सीमांत किसानों में इतनी क्षमता नहीं है कि वह अपने फसलों को राज्य के बाहर जाकर बेच सकें। ऐसे में किसानों को उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलेगा।
छग की भूपेश सरकार किसानों के साथ है।जिला कांग्रेस के किसान महामंत्री महेन्द्र साहू ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा व्यापारी वर्ग को अप्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने किसान विरोधी विधेयक पारित किया है। किसान अपनी फसलों को बड़े उद्योगपतियों को औने-पौने दाम में बेचने के लिए मजबूर होंगे। श्री साहू ने मोदी सरकार द्वारा लाए गए विधेयक को किसान विरोधी करार दिया है। छत्तीसगढ़ सरकार एवं देश के सभी विपक्षी दल इस किसानों के विधायक का एक साथ पूर्ण जोर विरोध कर रही है। किसानों के हित में कार्य करने किसान कांग्रेस द्वारा पुरजोर विरोध किया जाएगा।
