मोहला। सुशासन तिहार 2025 अंतर्गत मानपुर ब्लाक के खड़गांव में आयोजित समाधान शिविर में जब घासीराम एवं उनकी धर्मपत्नी समरो बाई अपने आवेदन की स्थिति जानने पहुँचे, तो उनकी आँखों में एक उम्मीद की चमक थी। दोनों ही वृद्धावस्था की दहलीज पार कर चुके हैं और ग्राम दोरबा के निवासी हैं। इनका मुख्य व्यवसाय खेती है, जो अब उम्र के इस पड़ाव पर अधिक संभव नहीं रहा।

         मुख्यमंत्री वृद्धा पेंशन योजना के लिए उन्होंने सुशासन तिहार के प्रथम चरण में आवेदन किया था। उम्र बढ़ने के साथ खेती-बाड़ी संभालना मुश्किल हो गया था। आय का कोई निश्चित साधन न होने से जीवन कठिन होता जा रहा था। कभी दवाओं के लिए पैसे नहीं होते थे। बच्चों की स्थिति भी ऐसी नहीं थी कि वे नियमित मदद कर सकें। ऐसे हालात में यह पेंशन योजना उनके लिए उम्मीद की एक किरण बनकर आई, जिसने न केवल आर्थिक सहारा दिया, बल्कि आत्मसम्मान से जीने का हौसला भी दिया।    

       शिविर में उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और उन्हें पेंशन योजना में शामिल किया गया। इस पर घासीराम जी ने बताया कि, हम बूढ़े हो चुके हैं, अब न खेत में ताकत रही, न बाजार जाने की हिम्मत। जब सुना कि सरकार ने हम जैसे बुजुर्गों के लिए पेंशन योजना चलाई है, तो आस जगी। सुशासन तिहार के इस समाधान शिविर में आकर जब हमें पता चला कि हमारा आवेदन मंजूर हो गया है, तो ऐसा लगा जैसे भगवान ने हमारी सुन ली हो। अब दवा, अनाज और बाकी जरूरतों के लिए किसी पर बोझ नहीं बनना पड़ेगा। उनकी धर्मपत्नी समरो बाई ने कहा कि, हम तो कभी उम्मीद ही नहीं कर पाए थे कि गाँव में ही बैठकर सरकार से सीधा लाभ मिलेगा। ये समाधान शिविर बहुत अच्छा लगा जहाँ अधिकारी खुद गाँव आए, सुनवाई की और तुरंत निराकरण किया। हम सरकार और सुशासन तिहार की बहुत आभारी हैं। उन्होंने हम बूढ़े लोगों को भी सम्मान और सहारा दिया। उन्होंने सभी ग्राम वासियों से अपील की कि वे भी इस अवसर का लाभ उठाएँ और सुशासन तिहार के अंतर्गत अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आगे आएँ।

By kgnews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *