खरीफ सीजन . बारिश के कारण दो सप्ताह तक प्रभावित रही धान की खरीदी, मौसम खुलते ही टोकन लेकर केन्द्र पहुंचे किसान राजनांदगांव सप्ताह के पहले ही दिन सोमवार को एक ही दिन में तीन जिले के 5096 किसानों ने 2 लाख 45 हजार क्विंटल धान बेचा है। एक नवंबर को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू की गई थी। करीब 40 दिनों बाद एक ही दिन में सबसे ज्यादा धान खरीदी केन्द्रों में पहुंचा। धान की आवक बढ़ने का प्रमुख कारण यह भी है कि बारिश के कारण दो सप्ताह से धान खरीदी प्रभावित थी। सुबह बोहनी के बाद बारिश के कारण खरीदी बंद करनी पड़ रही थी। मौसम खुलते ही बड़ी संख्या में किसान टोकन लेकर सोमवार को धान बेचने पहुंचे थे। सोमवार सभी केन्द्रों में सुबह से किसानों की भीड़ उमड़ी। खरीदी केन्द्रों में समिति कर्मियों को धान को सुरक्षित रखने की फिक्र थी वहीं किसानों को भी अपने धान को भीगने से बचाने की चिंता थी। इस कारण वह दो सप्ताह से बारिश थमने का इंतजार कर रहे थे। वहीं अवकाश के दिनों में धान का तेजी से उठाव होने के कारण केन्द्रों में और धान रखने पर्याप्त जगह बन गई है। पहले 20 क्विंटल प्रति एकड़ धान लिया जा रहा था। भाजपा सरकार ने चुनाव से पहले 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी करने की घोषणा भी की थी। ऐसे में निर्धारित लक्ष्य 64 लाख क्विंटल से अधिक धान खरी होगी। केन्द्र बनाने की जरूरत पड़ेगी। अब तक 69151 किसानों ने बेचा 30 लाख क्विं धान सोमवार को राजनांदगांव में एक दिन में 2725 किसानों ने 130180 क्विंटल धान बेचा। केसीजी में 1748 किसानों ने लगभग 84183 क्विंटल धान बेचा। एमएमसी जिले में 623 किसानों ने 29773 क्विंटल धान बेचा। तीनों जिले की बात करें तो लगभग 5096 किसानों ने 2 लाख 45 हजार क्विंटल धान केवल एक दिन में बेचा है। अब तक तीनों जिले से 69151 किसानों ने कुल लक्ष्य 64 लाख क्विंटल के मुकाबले 30 लाख क्विंटल धान बेचा है। वहीं जिले में सवा लाख पंजीकृत है। 50 हजार किसानों से अब 34 लाख क्विंटल धान खरीदा जाएगा। 13 लाख क्विं धान का किया गया परिवहन अब तक राजनांदगांव जिले में 9 लाख 45 हजार 529 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है। वहीं केसीजी जिले में 2 लाख 38 हजार 944 क्विंटल, एमएमसी में 1 लाख 10 हजार 778 क्विंटल धान का परिवहन किया जा चुका है। दो दिन पहले शुक्रवार तक 26 लाख क्विंटल की खरीदी में 16 लाख क्विंटल का डीओ जारी कर 9 लाख क्विंटल का उठाव किया गया था। शनिवार एवं रविवार अवकाश के दिनों में 3 लाख क्विंटल धान का परिवहन हुआ। अब आवक और बढ़ेगी परिवहन धीमा हुआ तो फिर धान जाम की समस्या होगी।
