राजनांदगांव जिला अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट से अस्पताल के बेड तक ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली पाइप लाइन की चोरी होने के बाद अब तक मरम्मत नहीं हो सकी। यहां अभी एक पाइप लाइन से ऑक्सीजन की सप्लाई हो रही है। इस पाइप लाइन में खराबी आई तो ऑक्सीजन सप्लाई थम जाएगी। डोंगरगांव के सीएचसी में 35 लाख खर्च कर ऑक्सीजन प्लांट बनाया गया था वह भी बंद पड़ा है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट भी अपनी सीमित क्षमता के चलते रिफिलिंग वाले जंबो सिलेंडर पर निर्भर हैं।
देश में कोरोना के नए वैरिएंट मिलने के बाद अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में 9 एवं राजनांदगांव शहर में भी एक महिला कोरोना पॉजिटिव मिली है। बढ़ते संक्रमण के चलते स्वास्थ्य विभाग की टीम कोरोना जांच कर रही है। जिले में 10 जगहों में जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, शंकरपुर, मोतीपुर, लखोली, छुरिया, डोंगरगढ़, डोंगरगांव, सोमनी, घुमका अस्पताल में सेंटर बना कर आरटीपीसीआर जांच ही की जा रही है। अभी एंटीजन टेस्ट की अनुमति नहीं है। अस्पतालों के ऑक्सीजन प्लांट की पड़ताल की गई तो कहीं ऑक्सीजन प्लांट के पार्ट्स की चोरी होने के कारण ऑक्सीजन प्लांट बंद पड़े हैं। चढ़ी है।
मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. प्रदीप बेक ने बताया कि 2 प्लांट में कुल 3 मशीनें लगी है। एक प्लांट में मशीन की क्षमता 850 एलपीएम और 2 मशीनों की क्षमता 960-960 एलपीएम है। यह मशीन प्रति मिनट 960 एलपीएम ऑक्सीजन रिलीज करने के बाद उस ऑक्सीजन का उपयोग होने तक ऑटोमेटिक स्वीप मोड में रहती है। एक प्लांट में 2 कंप्रेशर मशीन लगी है। 260 रिफिलिंग वाले जंबो सिलेंडर पाइप से अटैच है। प्लांट में खराबी आने पर इमरजेंसी में इस सिलेंडर का ऑक्सीजन पाइप से बेड तक पहुंचेगा। यहां 8 तकनीशियन एवं ऑपरेटर तैनात हैं।
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. यूएस चंद्रवंशी ने बताया ऑक्सीजन प्लांट से चोरों ने कुछ पार्ट्स एवं पाइप लाइन की चोरी कर ली थी। इसका मेंटेनेंस करने वाली कंपनी को पत्र लिख कर इसकी मरम्मत करने के लिए सूचित किया जा चुका है। प्लांट चल रहा है एक पाइप लाइन से ऑक्सीजन सप्लाई हो रही है। चोरी की घटना रोकने सुरक्षा गार्ड्स को यहां तैनात रहने एवं रात में निगरानी करने कहा गया है। हालही में यहां सक्रिय कुछ चोरों को पकड़ कर बसंतपुर पुलिस के हवाले किया गया था।
