राजनांदगांव , पंडित किशोरी लाल शुक्ला उद्यानिकी कॉलेज एवं अनुसंधान केंद्र की राष्ट्रीय सेवा योजना एनएसएस ने कोपेडीह में सात दिवसीय शिविर का आयोजन किया। शिविर के अंतर्गत एक दिवसीय कृषक संगोष्ठी में किसानों ने सब्जियों की उन्नत खेती और बाय-प्रोडक्ट तकनीक सीखी। वैज्ञानिकों ने किसानों को उन्नत खेती से बेहतर उत्पादन और ज्यादा लाभ कमाने के जरूरी टिप्स दिए। इससे किसानों को सब्जियों और बाय-प्रोडक्ट की बिक्री से लाभ होगा। स्वास्थ्य और पर्यावरण की दिशा में लाभकारी साबित होगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. संगीता चंद्राकर वैज्ञानिक, फल विज्ञान, विशिष्ट अतिथि डॉ. वर्षा वैज्ञानिक सब्जी विज्ञान एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मेधा साह और कॉलेज के अधिकारी, कर्मचारियों ने स्वामी विवेकानंद, मां सरस्वती के तैल चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर इसका शुभारंभ किया। पं. किशोरी लाल शुक्ला उद्यानिकी कॉलेज एवं अनुसंधान केंद्र से पहुंची डॉ. वर्षा सब्जी वैज्ञानिक ने सब्जियों की उन्नत खेती और उनसे बाय-प्रोडक्ट के निर्माण विषय पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। संगोष्ठी का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, फल, सब्जी उत्पादन, मूल्य संवर्धन पर जागरूक किया। कार्यक्रम में किसान मौजूद रहे।
वैज्ञानिक पद्धति से कम समय में ज्यादा उत्पादन उन्होंने बताया कि टमाटर, मिर्च, भिंडी, बैंगन, गोभी की वैज्ञानिक पद्धति से खेती कर किसान कम समय में अधिक उत्पादन एवं लाभ अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने सब्जियों से मूल्य संवर्धित उत्पाद जैसे मुनगा पाउडर, पुदीना पाउडर, मिक्स वेज अचार तथा डिहाइड्रेटेड सूखी सब्जियों के निर्माण की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के माध्यम से किसानों को अतिरिक्त रोजगार एवं आय के अवसर प्राप्त हो सकते है। समय के साथ किसानों को उन्नत तकनीक को सीखना एवं प्रयोग करना चाहिए।
