राजनांदगांव| मेडिकल कॉलेज में कोमा की हालत में लाए गए बुजुर्ग की डॉक्टरों ने जान बचाई। मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों की इसमें अहम भूमिका रही। लावारिस मरीज को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया।
डीन डॉ. पीएम लुका एवं अधीक्षक डॉ. अतुल देशकर ने बताया मेडिसन विभागाध्यक्ष डॉ. एनके तिर्की के मार्गदर्शन में अन्य डॉक्टरों ने एक लावारिस बुजुर्ग मरीज को कोमा से बाहर लाया उसका इलाज कर उसकी जान बचाई। अज्ञात मरीज को 108 एंबुलेंस से गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था।
भर्ती के समय वह कोमा में था। जांच में पाया कि मरीज लीवर की गंभीर बीमारी से ग्रसित था, इस कारण हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी दिमाग पर असर जैसी जानलेवा स्थिति में था। शरीर में प्रोटीन की कमी हाइपो प्रोटीनीमिया के कारण शरीर में सूजन थी। संक्रमण फैलने से मरीज सेप्टिक शॉक में था।
