राजनांदगांव . समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों पर इस बार गहरा संकट मंडरा रहा है। शासन की ओर से केवल नीति घोषित की गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस तैयारी नहीं हो पाई है। 15 नवंबर से खरीदी शुरू करने की घोषणा के बावजूद समितियों में न साफ-सफाई हुई, न बिजली-पानी के इंतजाम पूरे हुए। चबूतरों की मरमत, लाइट, सुरक्षा और कैमरा लगाने तक का काम अधर में लटका है।

स्थिति यह है कि सहकारी समिति के प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटर अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं। हड़ताल के कारण न केवल केंद्रों की व्यवस्था ठप पड़ी है बल्कि खरीदी प्रक्त्रिस्या की प्रारंभिक तैयारियां भी प्रभावित हो चुकी हैं। समिति कर्मचारियों को किसान संघ और कांग्रेस का समर्थन मिलने से आंदोलन और तेज हो गया है। गुरुवार को बड़ी संया में महिला कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल हुईं।

जिले में इस वर्ष 76 लाख क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए 96 केंद्र बनाए गए हैं। लेकिन शासन ने अब तक समितियों को भंडारण और सुरक्षा व्यय की राशि जारी नहीं की है। कुछ केंद्रों में बारदाने के गठान भेजे जाने का दावा जरूर किया जा रहा है, पर वास्तविकता में अधिकांश केंद्रों में स्थिति बदतर है।

By kgnews

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