राजनांदगांव जोंधरा , जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक खुज्जी में नौ सेवा सहकारी समिति बैंक जिसमें गिदर्री, संबलपुर, उमरवाही, खुर्सीपार, पांगरी, सोनेसरार , किरगी, रतनभाट और खुज्जी से लगभग 12-14 हजार किसानों का लेन-देन इस बैंक से होता है। अभी हाल ही में राज्य सरकार के द्वारा किसानों के खाते डाली गई अंतर की राशि को निकालने बैंक में इन दिनों अच्छी खासी भीड़ है, पर बैंक मैंनेजर संजय बाजपेयी का व्यवहार किसानों पर भारी पड़ते दिखाई दे रहा है।
बैंक प्रबंधन द्वारा सबसे पहले किसानों को रोकने मेन गेट पर ताला जड़ दिया जाता है और पैसा निकालने आए किसानों से कहा जाता है कि वो बाहर से फार्म भरकर लाएं, जबकि फार्म बैंक के अंदर होता है, अब किसान कहां से फार्म भरकर लाएं। बैंक का भृत्य जो मेन गेट पर बैठा होता है, भारी मान मनौव्वल के बाद ही पैसा निकालने वाला फार्म लाकर देता है, पर बैंक के अंदर वो नहीं जा सकता, ऐसे ही जिन्हें राशि जमा करना है वो भी अंदर नहीं जा सकते।
भृत्य का कहना है कि पैसा जमा करना है तो फार्म भरकर दे दो मैं जमा करवा दूंगा, भृत्य से आए दिन किसानों की बहस होती रहती है, बहस बढ़ने के बाद बैंक मैंनेजर संजय बाजपेयी आकर किसानों से कहते हैं तुम्हारा काम नहीं होगा, सामान्य कामों के लिए बैंक मैंनेजर की बैंकिंग प्रबंधन व्यवस्था लाचार और बेबस ही दिखाई देता है। जैसे ही एक ग्राम जोंधरा निवासी देवेन्द्र शेंडे जो कि पिता की मृत्यु के बाद पिता के पर्चे में स्थित राशि को अपने नाम करने के लिए क्या करना पड़ेगा की जानकारी लेने के लिए आए हुए थे, सबसे पहले तो भृत्य उन्हें बैंक में घुसने ही नहीं दिया।
मैनेजर को हटाने की मांग, बैठने जगह नहीं बैंक में भीड़ बढ़ जाने के बाद भी बैंक मैंनेजर किसानों की बैठक के लिए ना तो कोई पंडाल व्यवस्था करवाया जाता और ना ही कुछ, किसान अपनी सुविधा के अनुसार बाहर कहीं पर भी बैठने को मजबूर हैं। केन्द्रीय ग्रामीण बैंक में किसानों को हो रही तकलीफ और बैंक मैनेजर के व्यवहार से रूष्ठ किसानों ने बैंक मैनेजर संजय बाजपेयी को तत्काल खुज्जी से हटाने की मांग की है। नहीं तो प्रदर्शन किया जाएगा।
