राजनांदगांव विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मंगलवार की रात गुरुद्वारा चौक पर आयोजित चार साहिबजादों की शहादत तथा धर्म की रक्षा के लिए बलिदान व शौर्य को समर्पित सफर-ए-शहादत वीर बाल दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने राजनांदगांव के गुरुद्वारे में माथा टेककर आशीर्वाद लिया और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। डॉ. रमन ने श्री गुरु गोविंद सिंह के पुत्रों साहिबजादों की शहादत को नमन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इनकी शहादत को सम्मान देने के लिए वीर बाल दिवस मनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस देश की संस्कृति, संघर्ष, अद्भुत ताकत को उस समय के शासकों ने कितना दबाया है, कितना संघर्ष हुआ इस इतिहास को देखते हैं तो दुनिया में इससे बड़ी शहादत नहीं हो सकती है। श्री गुरु गोविन्द सिंह के 4 सुपुत्र और पिता इन पांचों की शहादत दुनिया में इससे बड़ी शहादत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि धर्म और संस्कृति की रक्षा आज देश की संस्कृति, परंपरा जिंदा है तो हमारे गुरुओं के ऐसे अद्भुत शहादत की देन है। जिन्होंने संघर्ष किया है उनकी वजह से आज हिन्दुस्तान हजारों हजार साल के बाद भी अपने स्थान पर खड़ा एवं जीवित है। श्री गुरु गोविन्द सिंह के पुत्रों के धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए की गई शहादत अविस्मरणीय है। सांसद ने कुर्बानी को याद किया: सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि सात और नौ वर्ष की आयु में दोनों वीरों को शहादत मिली। मुगलों के दबाव के बावजूद उन्होंने कुर्बानी चुनी। सिख समाज का इतिहास ऐसी कुर्बानी से गौरवशाली बना हुआ है। महापौर हेमा देशमुख, नीलू शर्मा, कुलबीर छाबड़ा, प्रशांत सोनी, अशोक चौधरी, समाज प्रमुख जनरैल सिंह भाटिया, यश पाल सिंह भाटिया ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
