राजनांदगांव एलपीजी सिलेंडर में मिलने वाली सब्सिडी के लिए ई-केवाईसी शुरू हो गया है। उपभोक्ता ई-केवाईसी के लिए एजेंसियों में पहुंच रहे हैं। इस बीच सिलेंडर की पाइप बदलने को लेकर भी विवाद शुरू हो गया है। ई- केवाईसी के दौरान उपभोक्ताओं को नई पाइप खरीदने कहा जा रहा है। जिसे मनमानी बताते हुए विरोध शुरू हो गया है। लेकिन पाइप बदलने का आदेश पांच महीने पुराना है। कनेक्शन का पांच साल पूरा कर चुके उपभोक्ताओं की गैस पाइप बदलनी है। इसके लिए संबंधित एजेंसियों को घर-घर सर्वे करने के लिए निर्देश जारी किया गया है। लेकिन एजेंसी संचालक अब तक इससे बचते रहे हैं। दरअसल घर-घर सर्वे करने में एजेंसियों को अतिरिक्त कर्मचारी तैनात करना पड़ता। जिसके चलते पांच महीने पहले जारी आदेश पर अब तक काम नहीं किया गया। अब ई- केवाईसी के लिए उपभोक्ता एजेंसियों में पहुंच रहे हैं। जिसका फायदा उठाते हुए एजेंसी संचालक पाइप बदलने की प्रक्रिया यही पूरी करा रहे हैं। इसके लिए दबाव भी बनाया जा रहा है। एचपी के छग रीजनल चीफ पंकज कुमार ने बताया कि पांच साल पूरा कर चुके कनेक्शन धारियों को सुरक्षा के लिहाज से पाइप बदलना है। अगर कोई उपभोक्ता पाइप नहीं बदलना चाहता तो वह एक कंसेंट फार्म भरकर साइन कर सकता है। पाइप चेंज करने का निर्देश पांच महीने पुराना है। ई-केवाईसी के सर्कुलर से इसका कोई संबंध नहीं हैं। उपभोक्ताओं के लिए यह जानना जरूरी एलपीजी उपभोक्ताओं का कनेक्शन अगर पांच साल पुराना है। पाइप में कट लगा है। तो सुरक्षा के लिहाज से इसे बदलना बेहद जरुरी है। पेट्रोलियम कंपनी इसके लिए अभियान भी चला रही है। अगर किसी उपभोक्ता ने पाइप चेंज कराया है, जिसके चलते वह दोबारा नहीं बदलना चाहते, तो उन्हें एक कंसेंट फार्म भरकर साइन करना होगा। यह फार्म एजेंसी में ही उपलब्ध कराया जाएगा। इससे बेवजह पाइप खरीदने का दबाव एजेंसी संचालक नहीं कर सकेंगे। जारी सर्कुलर के मुताबिक ई- केवाईसी की प्रक्रिया पूरी तरह नि: शुल्क है। इसके लिए उपभोक्ता को एजेंसी में जाना होगा। जहां थंब इंप्रेशन लेकर बायोमैट्रिक्स पद्धती से ई- केवाईसी की जा रही है। जिसमें गैस कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक अनिवार्य है। सभी एजेंसियों को ई- केवाईसी का काम करना है। वहीं वृद्ध और दिव्यांग उपभोक्ता के ई- केवाईसी के लिए एजेंसी अपने डिलीवरी ब्वाय को उनके घर भेजेंगे। इस सुविधा की जानकारी सर्कुलर में दी गई है। फर्जी कनेक्शन की होगी छंटनी 500 रुपए मिलेगी सब्सिडी चुनाव के पहले कांग्रेस और भाजपा दोनों ने ही गैस सिलेंडर पर सब्सिडी का वादा किया था। चुनाव के परिणाम के पहले ही ई- केवाईसी शुरू हो गई है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने इसके लिए निर्देश जारी किया है। भाजपा ने 500 रुपए सब्सिडी देने का वादा किया है। ई- केवाईसी से फर्जी कनेक्शन की छंटनी होगी। याने एक ही नाम पर एक से अधिक कनेक्शन जैसे मामले पकड़ में आएंगे। इसी के चलते ई- केवाईसी शुरू की गई है। यह प्रक्रिया 31 दिसंबर तक होगी।
