राजनांदगांव , गोंदिया-जबलपुर दोहरी रेल लाइन परियोजना को गति मिलने से डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग और रायपुर तक यात्रियों को लाभ मिलेगा। वर्तमान में रायपुर-जबलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस चलाई जा रही है।
डबल लाइन होने से इस रूट पर सीधी ट्रेनें चलेगी। ऐसे में यात्रियों को गोंदिया स्टेशन में उतर कर दूसरी ट्रेन में सवार होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी है। आने वाले दिनों में करीब 5236 करोड़ की लागत से 231 किलो मीटर रेल खंड का दोहरी करण कार्य का रेलवे के द्वारा शुरू किया जाएगा।
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्री मंडलीय समिति ने रेल मंत्रालय की गोंदिया-जबलपुर दोहरी रेल लाइन परियोजना को स्वीकृति प्रदान की है। परियोजना की अनुमानित लागत 5,236 करोड़ रूपया है। गोंदिया-जबलपुर दोहरीकरण परियोजना गोंदिया पर हावड़ा-मुंबई उच्च घनत्व रेल मार्ग, जबलपुर में इटारसी-वाराणसी उच्च उपयोगिता रेल मार्ग को जोड़ती है। यह प्रयागराज, वाराणसी से चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद की ओर सबसे छोटा रेल मार्ग उपलब्ध कराएगी। जिससे उत्तर-दक्षिण रेल संपर्क मजबूत होगा।
इस रेल खंड की लंबाई 231 किमी होगी। गोंदिया (महाराष्ट्र), जबलपुर, मंडला, सिवनी एवं बालाघाट वन्यजीव संरक्षण वन्यजीव अंडरपास और फेंसिंग के लिए 450 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यात्री और माल गाड़ियों के संचालन में वृद्धि सहित रेल क्षमता में विस्तार होगा। इस रूट पर अयोध्या धाम, वाराणसी, प्रयागराज, रामेश्वरम, मदुरै के लिए बेहतर एवं सुगम रेल संपर्क होगा। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान, पेंच टाइगर रिज़र्व, कचनार शिव मंदिर, गांगुलपारा बांध, धुआंधार जलप्रपात तक आवागमन होगा।
रायपुर से 2:35 बजे रवाना होकर 3:48 बजे राजनांदगांव, 4.3 बजे डोंगरगढ़, 5:45 बजे गोंदिया, 6:38 बजे बालाघाट होते रात में करीब 10:28 बजे जबलपुर पहुंचाती है। दूसरी दिशा में 6 बजे जबलपुर से रवाना होकर इसी रास्ते 1:50 बजे रायपुर पहुंचती है। अमर कंटक एक्सप्रेस दुर्ग से 6:25 बजे रवाना होकर रायपुर के रास्ते 4:15 बजे जबलपुर पहुंचती है। दूसरी दिशा में गाड़ी संख्या 12854 ओबैदुल्ला गंज से 4:34 बजे रवाना होकर इटारसी, मदन महल, जबलपुर, शहडोल, अनूपपुर एवं भाटापारा से रायपुर आती है।
