राजनांदगांव बेमौसम बारिश ने धान खरीदी पर ब्रेक लगा दिया है। गुरुवार को लगातार चौथे दिन जिले में धान खरीदी बंद रही। इसकी वजह से टोकन ले चुके किसानों को परेशान होना पड़ा। इधर बारिश की वजह से केंद्रों में रखा धान भी भीग रहा है। जिसके नुकसान का आंकलन मौसम साफ होने के बाद किया जाएगा। बुधवार शाम से जिले में शुरू हुई बारिश पूरी रात चलती रही। तेज बारिश की वजह से खरीदी केंद्रों में समस्या अधिक हुई। ज्यादातर केंद्रों में कैप कवर की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। वहीं उठाव के अभाव में बफर लिमिट से अधिक धान जाम पड़ा हुआ है। जिसकी सुरक्षा समिति कर्मचारियों के लिए चुनौती बनी हुई है। पहले ही समिति प्रबंधकों ने उठाव में तेजी लाने की मांग की थी, लेकिन परिवहन पूरी तरह ठप रहा। जिसके चलते मौसम बिगड़ने के बाद ऐसी समस्या खड़ी हुई है। बुधवार रात हुई तेज बारिश से कई केंद्रों में धान भीगने की शिकायत सामने आई है। हालाकि जिला प्रशासन ने सभी केंद्रों में धान की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम होने का दावा किया है। फसल पर सड़न का खतरा जिले के बड़े रकबे में अब भी धान की कटाई पूरी नहीं हो सकी है। किसान देर से पकने वाले धान की किस्म की कटाई में लगे हुए थे। लेकिन बारिश की वजह से इसमें भी ब्रेक लग गया है। वहीं लगातार धान के भीगने से अब सड़न का खतरा भी बढ़ने लगा है। जमीन सूखने तक धान की कटाई का काम भी मशीनों से नहीं हो सकेगा। गीली जमीन की वजह से आगे सप्ताह भर भी कटाई व मिंजाई का काम अटके रहने की संभावना है। इसलिए उठाव में रुचि नहीं जिले में धान के उठाव के लिए 64 मिलर्स से अनुबंध किया गया है। लेकिन पुराना भुगतान रुकने की वजह से मिलर्स उठाव में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। बीते साल हुए परिवहन का 200 करोड़ रुपए मिलर्स का बकाया है। जिसके भुगतान का इंतजार मिलर्स कर रहे हैं। यही वजह है कि उठाव में अब तक तेजी नहीं आ सकी है। जिन केंद्रों से परिवहन हो रहा, वह भी आवक की तुलना में महज औपचारिक ही साबित हो रहा है। ऐसी है खरीदी की स्थिति खाद्य अधिकारी भूपेन्द्र मिश्रा ने बताया कि जिले के सभी 96 धान उपार्जन केन्द्रों में 1 नवम्बर से किसानों से धान खरीदी की जा रही है। जिले में पंजीकृत किसानों की कुल संख्या 1 लाख 28 हजार 34 है, जिनमें से अब तक 37 हजार 566 किसानों ने 166486.08 मीट्रिक टन धान बेचा है। धान उपार्जन केन्द्रों से 64 धान उठाव करने वाले मिलर्स को 55116.72 मीट्रिक टन धान मिलर को प्रदाय किया गया है।
