राजनांदगांव चक्रवाती तूफान मिचौंग के असर से जिलेभर में बारिश जारी है। बुधवार सुबह से रिमझिम बारिश शुरु हुई। जो रात तक जारी रही। इधर तापमान में भी बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। बीते 48 घंटे से दिन और रात का तापमान 20 डिग्री पर समान बना हुआ है। वहीं जिले में दक्षिण से आ रही ठंडी हवा से ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि इस सिस्टम का प्रभाव अगले दो से तीन दिन बना रहेगा। जिले में अगले दो दिन भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इसके बाद भी आसमान में बादल मौजूद रहेंगे। मौसम के पूरी तरह साफ होने में सप्ताह भर का समय लग सकता है। इस दौरान बूंदाबांदी की स्थिति बनी रहेगी। बेमौसम बारिश ने जन जीवन को प्रभावित किया है। सड़कों पर पूरे दिन सन्नाटे जैसी स्थिति बनी रही। वहीं लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते दिखे। सेहत के लिहाज से भी इस बारिश और ठंडी हवा को डॉक्टर्स ने नुकसान दायक बताया है। आसमान साफ होने के बाद कोहरा और बढ़ने का संकेत मौसम विभाग ने दिया है। लोगों को बारिश से बचने की सलाह दी जा रही है। अगले दो से तीन दिन बारिश की संभावना बनी हुई है। गरज चमक के साथ वज्रपात की आशंका है। दिन में तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगी। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि एक अवदाब उत्तर-पूर्व तेलंगाना और उससे लगे दक्षिण छत्तीसगढ़- दक्षिण अंदरूनी उड़ीसा-तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर में कमजोर होकर चिन्हित निम्न दाब के क्षेत्र के रूप में स्थित है, इसके साथ उपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण 5.8 किमी. ऊंचाई तक विस्तारित है। वहीं एक द्रोणिका चिन्हित निम्न दाब के क्षेत्र से दक्षिण तमिलनाडु तक 0.9 किमी. ऊंचाई तक विस्तारित है। जनजीवन पर बिगड़े मौसम का ऐसा पड़ रहा है असर धान खरीदी: जिले में धान खरीदी लगातार तीसरे दिन भी बंद रही। वहीं परिवहन की गति भी कमजोर बनी हुई है। इधर खेत में तैयार धान की कटाई पर भी ब्रेक लग गया है। खरीदी केंद्रों में रखे धान की सुरक्षा भी चुनौती बनी हुई है। धान के भीगने से नमी बढ़ रही है। सेहत: बेमौसम बारिश और तेज ठंडी हवा सेहत भी बिगाड़ रही है। ऐसे मौसम में बीमार होने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है। खासकर बच्चों व बुजुर्गांे को सुरक्षित रहने की सलाह दी जा रही है। दो दिनों से जिले में ठिठुरन की स्थिति बनी हुई है। ठंडी हवा का विपरीत असर सेहत पर पड़ रहा है। बाजार: बारिश की वजह से बाजार भी प्रभावित हो रहा है। दो दिनों से बाजार में उम्मीद के मुताबिक भीड़ नहीं पहुंच रही है। लोग अपने घरों में भी दुबके हुए हैं। जिसकी वजह से ज्यादातर हिस्से में सन्नाटे की स्थिति है। इसका अधिक असर बुधवार को देखने को मिला है। लोग घर से बाहर आने से बच रहें। सब्जी: बिगड़े मौसम का सबसे बुरा असर सब्जी फसल पर पड़ रहा है। टमाटर सहित दूसरी सब्जी फसलों में गलन की स्थिति बन रही है। कीट प्रकोप की वजह से सब्जियां प्रभावित हो रही है। समय से पहले पक रही सब्जियों की वजह से दाम में भी गिरावट हो रही है। किसानों को बचाव के लिए अधिक खर्च करना पड़ रहा।
