डोंगरगढ़ मां बम्लेश्वरी की नगरी डोंगरगढ़ में मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के स्टॉपेज और बंद लोकल ट्रेनों को फिर से शुरू करने की मांग को लेकर डोंगरगढ़ विकास मंच सांसद संतोष पांडेय को ज्ञापन सौंपेगा।
मंच के सचिव केके वर्मा ने बताया कि रेलवे स्टेशन का विकास केंद्र सरकार ने सांसद की मांग पर ठीक से कराया है। लेकिन मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के स्टॉपेज कम होने और लोकल ट्रेनों के बंद होने से यात्रियों की संख्या घटी है। इसी को लेकर नागरिकों के साथ मिलकर ज्ञापन तैयार किया है। ट्रेनों के विस्तार की मांग की गई है। वर्मा ने कहा कि स्टेशन को जितनी रेल सुविधाएं मिली हैं, उसके अनुपात में ट्रेनों की संख्या बहुत कम है। यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए ट्रेनों की संख्या बढ़ाना जरूरी है।
खासकर पैसेंजर और लोकल ट्रेनें जरूरी हैं। यह स्टेशन रेलवे और राज्य सरकार के रिकॉर्ड में टूरिस्ट प्लेस के रूप में दर्ज है। मंच ने रायपुर-कोरबा-रायपुर हंसदेव एक्सप्रेस को चार दिन और ट्रेन नंबर 18251/18252 को तीन दिन डोंगरगढ़ तक बढ़ाने की मांग की है। यदि इनका नियमित ठहराव डोंगरगढ़ में हो तो यात्रियों को लाभ मिलेगा। यहां .यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
जूनागढ़-रायपुर पैसेंजर 58208 का डोंगरगढ़ तक विस्तार पहले क्वांर और चैत्र नवरात्रि में होता था। यह ट्रेन शाम 4 बजे डोंगरगढ़ से कोरबा के लिए ट्रेन नंबर 58204 बनकर रवाना होती थी। इसे नियमित करने से ओडिशा क्षेत्र के यात्रियों को डोंगरगढ़ तीर्थ से सीधा संपर्क मिलेगा। मां बम्लेश्वरी मेले के समय कई ट्रेनों का अस्थायी स्टॉपेज डोंगरगढ़ में दिया जाता रहा है। इनमें बिलासपुर-चेन्नई, हटिया-कुर्ला, पुरी-जोधपुर, हावड़ा-पोरबंदर, दरभंगा-सिकंदराबाद, बिलासपुर-पुणे, पुरी-सूरत, पुरी-कुर्ला, हावड़ा-कुर्ला समरसता, बिलासपुर-भगत की कोठी, बिलासपुर-बीकानेर, रायपुर से सिकंदराबाद, रक्सौल-हैदराबाद एक्सप्रेस शामिल हैं। ये ट्रेनें साप्ताहिक, द्विसाप्ताहिक और सुपरफास्ट हैं। आम दर्शनार्थी इनका पूरा लाभ नहीं उठा पाते।
संतरागाछी-नांदेड़ एक्सप्रेस 12767/12768 का स्टॉपेज डोंगरगढ़ में जरूरी बताया गया है। यहां सिख समुदाय की संख्या अधिक है और नांदेड़ उनका तीर्थ स्थल है। इसलिए इस ट्रेन का स्टॉपेज डोंगरगढ़ में होना चाहिए। शालीमार-ओखा या बिलासपुर-ओखा एक्सप्रेस के स्टॉपेज से डोंगरगढ़वासियों को द्वारका तीर्थ का सीधा संपर्क मिलेगा। इससे दर्शनार्थियों की संख्या बढ़ेगी।
