खरीफ सीजन . तीनों जिले के केन्द्रों में डीओ जारी, कल से उठाव में तेजी आने का दिया गया आश्वासन तीनों जिले के खरीदी केन्द्रों से धान के परिवहन की धीमी गति को तेज करने की मांग के चलते सोमवार को धान खरीदी प्रभावित रही। समिति प्रबंधकों ने परिवहन में तेजी लाने की मांग पर अफसरों से चर्चा की। अफसरों ने डीओ जारी होने और 5 दिसंबर से उठाव में तेजी आने का आश्वासन दिया है। समिति प्रबंधकों ने नियमित रूप से धान खरीदी करने की बात कही। उठाव के मामले में चर्चा करने सोमवार को समिति प्रबंधक जिला मुख्यालय में एकत्रित हुए थे।जिला विपणन अधिकारी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ, उप पंजीयक खाद्य विभाग के अफसरों के सामने जिला सहकारी समिति कर्मचारी संघ के तीनों जिले के पदाधिकारियों ने उन्होंने परिवहन में तेजी लाने दबाव बनाया। अफसरों ने बताया कि सभी जगह डीओ जारी किया गया है। मंगलवार से सभी खरीदी केन्द्रों से धान का उठाव शुरू हो जाएगा। संगठन की ओर से 15 दिसंबर तक का समय दिया गया है । उठाव नहीं होने की स्थिति में 15 दिसंबर को फिर समीक्षा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन के साथ हुई बैठक में जितेन्द्र चंद्राकर, आरिफ खान, बालकृष्ण वर्मा, रेवाराम साहू, रेवाराम वर्मा सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।किसानों को नहीं होगी कोई परेशानी संयुक्त जिला के अध्यक्ष ईश्वर श्रीवास ने बताया कि डिलीवरी आर्डर जारी होने के बाद कल से सभी खरीदी केन्द्रों में नियमित रूप से धान खरीदी की जाएगी। किसानों को अब परेशानी नहीं होगी। सोमवार को भी जिन केन्द्रों में धान जाम की समस्या नहीं है वहां खरीदी जारी रखने कहा गया था। जिन किसानों को टोकन जारी किया गया था वह किसान भी केन्द्रों में अपना धान बेचने भी पहुंचे थे। उठाव नहीं होने के कारण जिन केन्द्रों में धान जाम की समस्या है वहां 4 दिसंबर को खरीदी बंद थी।455133 क्विंटल धान का परिवहन जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक से मिली जानकारी अनुसार राजनांदगांव जिले में 36604 किसानों से 1614800 क्विंटल खरीदी की गई। 35423.71 लाख का भुगतान किया। लिंकिंग से 5322.17 लाख की वसूली की। 455133 क्विंटल धान का परिवहन किया गया है। राजनांदगांव में 9 लाख 31 हजार क्विंटल का डिलीवरी ऑर्डर जारी किया गया है। मंगलवार से धान के परिवहन में तेजी आने का दावा किया जा रहा है। एक नवंबर को खरीदी शुरू होने के कुछ दिन बाद राजनांदगांव जिले से ही धान के परिवहन की शुरुआत हुई थी।
