राजनांदगांव , छत्तीसगढ़ी लोककला नाचा के पुरोधा दाऊ मंदराजी की 125वीं जयंती पर कन्हारपुरी में मंदराजी महोत्सव पुरखा के सुरता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लोक कलाकारों ने दाऊ मंदराजी को भावपूर्ण कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए उनके योगदान को याद किया।
मुख्य अतिथि पूर्व सांसद व महापौर मधुसूदन यादव थे। अध्यक्षता वार्ड पार्षद मोहनी युवराज भारती ने की। विशिष्ट अतिथि महेश साहू पूर्व पार्षद सहित अन्य नागरिक उपस्थित रहे। अतिथियों ने दाऊ मंदराजी की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्य अतिथि मधुसूदन यादव ने कहा दाऊ मंदराजी ने राजनांदगांव की माटी में जन्म लेकर छत्तीसगढ़ी नाचा एवं संस्कृति को देश-दुनिया तक पहचान दिलाई। उनके योगदान को सहेजना समाज की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में नगर निगम नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले ने दाऊ मंदराजी की स्मृति में पार्री नाला चौक का नाम दाऊ मंदराजी चौक रखने की मांग उठाई, जिसका उपस्थित लोगों ने समर्थन किया। अध्यक्षता कर रहे राकेश इंदू भूषण ठाकुर ने भी इसका समर्थन किया।
कलाकारों ने प्रस्तुत किया नाचा और लोकसंगीत महोत्सव में छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध लोक गायिका रजनी रजक (ढोला-मारू), रंगरसिया जोड़ीदार नाच पार्टी (लखनपुरी-चारामा) नवोदित गायिका वैष्णवी रंगारी (लखोली), चिकारा भजन मंडली (सुरगी) एवं मां सरस्वती भजन मंडली (कन्हारपुरी) द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। लोकगायक महादेव हिरवानी ने बबा मंदराजी गीत प्रस्तुत कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कला प्रेमियों ने देर रात तक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुती से दर्शकों का मन मोह लिया।
