राजनांदगांव , शिक्षा का अधिकार अधिनियम आरटीई के अंतर्गत गरीब और वंचित समूह के लिए आरक्षित 25 फीसदी सीटों पर एडमिशन दिया जाएगा। जिले के कुल 190 पंजीकृत निजी स्कूलों की कुल 535 आरटीई सीटों में एडमिशन लेने अंतिम तिथि 31 मार्च तक पोर्टल में 1800 ऑनलाइन आवेदन पहुंचे है। आवेदन और दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन करने सरकारी स्कूल के 91 प्राचार्यों को नोडल अफसर बनाया गया है।
अब तक 1157 कुल 94 प्रतिशत आवेदनों का भौतिक सत्यापन किया गया वहीं 6 फीसदी 104 आवेदनों के सत्यापन में तेजी लाने कहा गया है। इस साल नर्सरी की जगह कक्षा पहली से एडमिशन दिया जाएगा। इस कारण विगत वर्ष 1700 से घट कर सीटों की संख्या महज 535 रह गई। सीटों की संख्या कम होने से पालकों की चिंता बढ़ी हुई है। आरटीई की हर सीट पर लगभग चार बच्चों की दावेदारी रहेगी। नोडल अफसर बने सरकारी स्कूल के प्राचार्यों द्वारा पालकों की मौजूदगी में इसका भौतिक सत्यापन किया जा रहा है जो कि 6 अप्रैल तक चलेगा। सीटों की संख्या होने से इस बार प्रति स्पर्धा ज्यादा रहेगी। प्रदेश स्तर की ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से बच्चों का चयन कर निजी स्कूलों की सीटों में प्रवेश देंगे।
आरटीई के अंतर्गत पंजीकृत जिले के निजी स्कूलों को विगत तीन सालों से करीब 5 करोड़ प्रतिपूर्ति राशि आज तक नहीं मिली है। बच्चों की पढ़ाई का खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाता है। निजी स्कूलों को वहां आरटीई की सीटों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या अनुसार प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान किया जाता है जो नहीं मिली है। ऐसे में निजी स्कूल संचालकों की समस्या बढ़ गई है। प्रतिपूर्ति राशि की मांग को लेकर निजी स्कूल के संचालकों ने शासन-प्रशासन को कई बार ज्ञापन भी सौंपा। लेकिन अब तक निजी स्कूलों के खाते में राशि नहीं पहुंचने से आर्थिक स्थिति खराब है।
