राजनांदगांव सोमनी में ग्रामीणों द्वारा सरकारी जमीन की खरीदी बिक्री के खिलाफ शिकायत पर गत दिनों तहसीलदार की टीम सोमनी पहुंचकर स्थल निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया था लेकिन मामले में अब तक कार्रवाई नहीं हो पाई है। मौका मुआयना एवं खसरे की जांच में यह खुलासा हुआ है कि उक्त स्कूल की सरकारी जमीन की खरीदी बिक्री फर्जी तरीके से की गई है। जांच से स्पष्ट हो गया है कि सोमनी की आरक्षित आबादी जमीन को कूटरचित तरीके से अफसरों की मिलीभगत से यह काम किया गया है। खुलासे के बाद ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर कार्रवाई की मांग प्रशासन से की है। इस मामले में ग्रामीणों ने सांसद संतोष पांडेय एवं कलेक्टर डोमन सिंह से लिखित में शिकायत कर पूरे मामले की जांच की मांग उठाई थी। इसकी शिकायत के बाद तहसीलदार की टीम सोमनी पहुंची और निर्माणाधीन सामुदायिक भवन से लेकर टाटानगर के एक व्यक्ति द्वारा दावा की जा रही हक की जमीन की जांच पड़ताल की गई। इस जांच में खुलासा हुआ है कि टाटानगर निवासी संजय तापडिया द्वारा 190/7 खसरा का टुकड़े की रजिस्ट्री करवाकर अपने हक की जमीन बताया जा रहा है। जबकि वह खसरा नंबर व नक्शा शासकीय अभिलेखों में है ही नहीं। रजिस्ट्री में फर्जी तरीके 190/2 का नक्शा दर्शाया गया है, जो कि शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला की जमीन है। रजिस्ट्री के कागजात में खुलासा हुआ कि बी वन में सुरक्षित आबादी बताया जा रहा है। रजिस्ट्री के साक्ष्य से यह प्रदर्शित हो रहा है कि उक्त रजिस्ट्री में तात्कालीन पटवारी द्वारा सुरक्षित आबादी को प्रचलित आबादी बताकर रजिस्ट्री में मदद की गई। इस मामले में तत्कालीन पंजीयक की भूमिका भी संदेहास्पद है। वर्तमान में जांच से यह खुलासा हुआ है कि उक्त खसरा 190/7 शासकीय रिकार्ड में दर्ज ही नहीं है और न ही मौके पर स्थित है। पंचनामा के दौरान मौके पर ग्राम के कृष्ण कुमार तिवारी, योगेंद्र प्रताप सिंह, रमन सिंह, टीएल चंद्राकर, संतोष यादव, अभिनव तिवारी, पंकज तिवारी, छोटू चौधरी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि ग्रामीण इलाकों में खाली पड़ी सरकारी जमीन पर बेजा कब्जा व हेरफेर कर अपने नाम पर करने का खेल चल रहा है। इस मामले में तहसीलदार के द्वारा मौके की जांच की गई थी। जांच प्रतिवेदन आने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। -अरुण वर्मा, एसडीएम तहसीलदार ने इस मामले की जांच के दिए निर्देश मौका निरीक्षण के बाद ग्राम पंचायत सोमनी को सामुदायिक भवन के अगल बगल की खाली जमीन को सुरक्षित रखने के निर्देश तहसीलदार ने दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सोमनी में सरकारी जमीन का पहले से संकट है। इस तरह गलत तरीके से सरकारी जमीन पर कब्जा रोकन के लिए रिक्त जमीन में पंचायत को फेसिंग करने कहा है, ताकि सरकारी जमीन सुरक्षित रह सकें।
