राजनांदगांव , मां बम्लेश्वरी मंदिर में पहली बार पुलिस बैंड ने आरती की। पुलिस अफसरों की मानें तो राज्य में कहीं भी इस तरह की आरती नहीं हुई है। यह पहली दफा था कि पुलिस बैंड के द्वारा आरती की धुन बजाई गई। इसके लिए बाकायदा पुलिस लाइन की इस टीम को 15 दिन ट्रेनिंग लगी। इस टीम में लाइन से 15 से 17 लोगों की टीम ने सहभागिता निभाई।
इस बार नवरात्रि में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील पुलिसिंग का उदाहरण देखने मिला। पिछले दस दिनों तक करीब 8 लाख श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच राजनांदगांव पुलिस ने लगातार चौबीसों घंटे ड्यूटी निभाई। मंदिर परिसर, पहाड़ी मार्ग और मेला स्थल पर तैनाती के चलते पूरे आयोजन के दौरान व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित और सुरक्षित बनी रही।
इस बार करीब 11 लाख श्रद्धालुओं ने मां बम्लेश्वरी के दर्शन किए। इसमें करीब साढ़े 7 लाख ऊपर मंदिर तक पहुंचे। रामनवमी के दिन माता की ज्योति विसर्जन के साथ महोत्सव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और पुलिस बल ने भी अपनी जिम्मेदारी सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद राहत महसूस की। नवरात्र का सबसे खास और ऐतिहासिक क्षण वह रहा जब पहली बार जिला पुलिस बल ने पुलिस बैंड के साथ माता बम्लेश्वरी की आरती की। जैसे ही पुलिस बैंड अपने साजो-सामान के साथ मंदिर परिसर पहुंचा, श्रद्धालुओं का ध्यान उन्हीं की तरफ था।
इस प्रकार की आरती दरबार में पहली बार हुई इस प्रकार की आरती पहली बार मां के दरबार में हुई। इस पूरे नवरात्रि में सभी पदयात्री सुरक्षित पहुंचे। रुट को लेकर और बदलाव करेंगे। पदयात्रियों के साथ बड़े व दुपहिया वाहन चालकों की आवाजाही सुगम हो सके।
