राजनांदगांव। पीएससी-2021 के परिणाम में सत्तापक्ष के कई नेताओं और कई अफसरों के रिश्तेदारों को मेरिट सूची में स्थान मिलने पर पर भाई-भतीजावाद हावी होने का आरोप भाजयुमो के राजनांदगांव ग्रामीण मंडल अध्यक्ष जितेंद्र साहू ने लगाया है। उन्होंने कहा कि – कांग्रेस की रीति-नीति ही यही है। इनका इतिहास उठाकर देख लीजिए। ग्रामीण मंडल अध्यक्ष जितेंद्र ने कहा कि कांग्रेस के राज में मेहनतकश बिरादरी हमेशा भाई-भतीजावाद का शिकार होती रही है। पीएससी के नतीजों से भी यह साफ है। सीजीपीएससी के चेयरमैन के रिश्तेदार भी इस मेरिट सूची में शामिल हैं। सरकार में शामिल नेताओं और अफसरों के रिश्तेदार सभी को इसमें ख्याल रखा गया है। आज तक किसी सरकार में ऐसी अनैतिकता नहीं देखने को मिली। उन्होंने कहा कि पीएससी के मेरिट में दूसरे स्थान पर चयनित उम्मीदवार कांग्रेस नेता की बेटी है। तीसरे व चौथे स्थान पर चयनित उम्मीदवार आपस में पति-पत्नी हैं और रसूखदार परिवार से हैं। मेरिट सूची पर प्रथम आए और 20वें नंबर पर आए उम्मीदवार आपस मे भाई-बहन है। ये सिलसिला यही नहीं खत्म होता। मेरिट लिस्ट में 9वें व 12वें स्थान पर चयनित उम्मीदवार एक आईएएस अफसर के बच्चे हैं। मेरिट में 11वें स्थान पर काबिज उम्मीदवार डीआईजी की बेटी है। सबसे बड़ी बात यह कि सातवें नंबर पर चयनित उम्मीदवार पीएससी चेयरमैन के दत्तक पुत्र है और लिस्ट में इनका सरनेम छुपाया गया है। जितेंद्र ने कहा कि – तय है कि मध्यमवर्गीय और गरीब उम्मीदवारों के साथ पीएससी के नतीजों में गोलमाल किया गया है। इसकी उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता है। इससे पहले इन नतीजों को रद्द किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि – प्रदेश की जनता के साथ किए जा रहे खिलवाड़ के खिलाफ भाजयुमो अधिकार और न्याय की लड़ाई लड़ेगी।
