राजनांदगांव : बच्चों का सर्वांगीण विकास सर्वोच्च प्राथमिकता - कलेक्टरराजनांदगांव : बच्चों का सर्वांगीण विकास सर्वोच्च प्राथमिकता - कलेक्टर

– कलेक्टर ने नि:शुल्क कोचिंग और समर कैंप की तैयारी शुरू करने के दिए निर्देश
– कलेक्टर ने शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के दिए निर्देश
राजनांदगांव । कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने जिला पंचायत सभाकक्ष में शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के लिए शिक्षा विभाग के प्राचार्यों की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी अधिकारी एवं शिक्षक समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने जिले के सभी विकासखंड मुख्यालयों में शीघ्र ही नि:शुल्क कोचिंग सेंटर प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपलब्ध शासकीय भवनों एवं हॉल का उपयोग कर शीघ्र नि:शुल्क कोचिंग की शुरूआत सुनिश्चित की जाए। इसके लिए आवश्यक फर्नीचर, ब्लैकबोर्ड, पुस्तके एवं अन्य संसाधनों की व्यवस्था करने तथा योग्य शिक्षकों की सेवाएं निर्धारित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर कार्यरत अनुभवी शिक्षकों को जोड़ते हुए ऑफलाइन एवं ऑनलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई संचालित की जाए।
कलेक्टर ने कहा कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान स्कूली विद्यार्थियों के लिए समर कैंप आयोजित किए जाएं। समर कैंप में पढ़ाई के साथ-साथ योग, खेलकूद एवं अन्य गतिविधियों को शामिल करने के लिए कहा। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन, चैट जीपीटी एआई का उपयोग, बैंकिंग प्रक्रिया, पुलिस स्टेशन, अस्पताल, पोस्ट ऑफिस एवं अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों की जानकारी देने हेतु शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जाए, ताकि उनका व्यावहारिक ज्ञान बढ़ सके। उन्होंने विद्यालयों से जुड़े पूर्व विद्यार्थियों को भी जोडऩे कहा। जो लोग विद्यालय में पढ़कर जीवन में सफल होकर आगे बढ़े हैं, उन्हें अपने विद्यालय के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित करें। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए शिक्षा क्षेत्र में नवाचार एवं गुणवत्ता सुधार के लिए सतत प्रयास करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों एवं प्राचार्यों की पहचान कर उन्हें नियमित रूप से प्रोत्साहित करें। प्रत्येक माह बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने की व्यवस्था करें, जिससे अन्य शिक्षकों को भी प्रेरणा मिले। उन्होंने विद्यालयों के परिणाम सुधार के लिए सतत मॉनिटरिंग, डेटा विश्लेषण एवं समीक्षा बैठके आयोजित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि विद्यालय स्तर पर छोटे-छोटे समूह बनाकर चर्चा एवं फीडबैक की व्यवस्था करें, जिससे समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत सुरूचि सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल, डिप्टी कलेक्टर विश्वास कुमार सहित विकासखंड शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य उपस्थित थे।

By kgnews

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