राजनांदगांव विकास नगर के शिवधाम में श्री शिव महापुराण की कथा शुरू हो गई है। जूनागढ़ (गुजरात) से आए कथा वाचक पं. ईश्वर चन्द्र व्यास ने पहले दिन शिव तत्व (ब्रहम) के गूढ़ अर्थ को सरलत्तम शब्दों में बताया। उन्होंने कहा कि मन का अमन हो जाना ही शिव तत्व की प्राप्ति है। तुलसीदास जी के हरि व्यापक सर्वत्र समाना… का उदाहरण देते हुए महराज ने बताया कि भगवान श्री हरि सर्वत्र है। वह सबमें समाया हुआ है। कारण ब्रहम भले ही अनेक है किन्तु कार्य ब्रहम एक है। उन्होंने बताया कि जैसे जगत का बनाने वाला ब्रहमा जी हैं, पालन कर्ता विष्णु हैं, वही संहारकर्ता शिव शंकर भोलेनाथ हैं। पं. व्यास ने कहा कि जिस तरह समुद्र में लहर उठती है और लोप हो जाती है। उसी तरह इसी ब्रहम यानि शिवतत्व में पैदा होकर सभी उसी में विलय हो जाते हैं। जैसे समुद्र की सत्ता बनी रहती है किंतु समुद्र से उठने वाली लहर उसी में समाहित होकर उमसें लय हो जाती है। महराज ने इसे सरल ढंग से बताते हुए कहा कि जैसे सागर में बुलबुले उठते हैं और उसी में फूट जाते हैं। सुमधुर गीत-संगीत के साथ चल रही श्री शिव महापुराण कथा अवसर पर पूर्व सांसद अभिषेक सिंह भी पहुंचे। उनके साथ जिला भाजपा अध्यक्ष रमेश पटेल, चेंबर ऑफ कामर्स के प्रदेश महामंत्री राजा माखीजा, पार्षद मधु बैद, गुरूमुख दास वाधवा, डॉ. नरेन्द्र गांधी, व्यवसायी संघ के संजय रिझवानी, मुरली फगवानी, आवतराम तेजवानी, संजय तेजवानी, विजय हरिहारणों भी थे।

By kgnews

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