राजनांदगांव , शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। संपत्ति कर की नई दरों में हुई वृद्धि को लेकर महापौर मधुसूदन यादव ने बड़ा फैसला लिया है। सोमवार को महापौर परिषद की आपात बैठक बुलाकर बढ़ी हुई दरों पर पुनर्विचार किया गया।
बैठक के बाद खुली और आवासीय भूमि पर टैक्स वृद्धि को घटाकर मात्र 10 प्रतिशत और व्यावसायिक/औद्योगिक संपत्तियों पर 20 प्रतिशत निर्धारित कर दिया गया है। महापौर मधुसूदन यादव प्रेसवार्ता लेकर इसकी जानकारी दी। जिसमें जनता के हित को देखते हुए प्रॉपर्टी टैक्स में कमी और जरुरी सुधार करने की बात कही। उन्होंने बताया कि आवासीय टैक्स में सिर्फ 10 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। बता दें कि नई टैक्स दर लागू होने के बाद कई वार्डों में टैक्स की राशि दोगुनी हो गई थी। वहीं टैक्स स्लैब भी विसंगति में आ गया था। इससे प्रॉपर्टी मालिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ने लगा था।
9 साल बाद संशोधन ने बिगाड़ा था बजट: कलेक्टर गाइडलाइन के मुताबिक हर साल संपत्ति कर की दरों में संशोधन अनिवार्य है। लेकिन राजनांदगांव में पिछले 9 वर्षों से दरें नहीं बदली गई थीं। इस वित्तीय वर्ष 2026-27 में जब शासन के मापदंडों और वर्तमान वार्षिक भाड़ा मूल्य के आधार पर गणना की गई, तो टैक्स की राशि सीधे दुगुनी या उससे भी ज्यादा हो गई। इससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ गया था और वार्डों में असंतोष की स्थिति बन रही थी। महापौर ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी आवासीय संपत्ति पर पिछले साल तक 2,000 रुपए टैक्स लगता था, जो नई दरों से 4 से 5 हजार रुपए हो रहा था, उसे अब काफी कम कर दिया गया है। संपत्ति का प्रकार पुराना टैक्स नया टैक्स राहत का गणित ( टैक्स की राशि उदाहरण के तौर पर लिया गया है ){आवासीय भवन 2000 2200 3000 तक की बचत {खुली भूमि 1000 1100 केवल 100 की वृद्धि {व्यावसायिक 30000 30600 औद्योगिक क्षेत्रों को राहत

