राजनांदगांव साल की अंतिम नेशनल लोक अदालत का आयोजन शनिवार हो हुआ। सुनवाई के लिए 38 खंडपीठों का गठन किया गया था। जिसमें 38747 मामलों का निपटारा हुआ। लोक अदालत में लंबे समय से चल रहे विवादों का भी निपटारा हुआ। इसमें एक पति-पत्नी का भी मामला शामिल था। जो पारिवारिक विवाद के बाद अलग रहने लगे थे। मामले की सुनवाई के बाद दोनों ने साथ रहने की सहमति दी। जिससे उनका परिवार बिखरने से बच गया। खास बात यह है कि महिला का पति तब मुंबई में मौजूद था, जो सुनवाई में वर्चुअल जुड़ा। जिसमें समझाइश और दोनों पक्षों की राय के बाद उन्होंने एक साथ रहने की सहमति दी। कुटुंब न्यायालय में हुई। दोनों की शादी 11 मई 2016 को हुई थी, जिनका एक पुत्र भी है। महिला के पति द्वारा उसे जुलाई 2023 में आवेदिका को प्रताडि़त कर घर से निकाल दिए जाने के उपरांत आवेदिका ने स्वयं तथा अपने पुत्र के भरण-पोषण के लिए न्यायालय कुटुम्ब न्यायाधीश के न्यायालय में मामला प्रस्तुत किया। दोनों के बीच लोक अदालत में समझौता हो गया। रुपए वसूली से लेकर विभिन्न मामले निपटे इसे विभिन्न न्यायालयों में लंबित, राजस्व न्यायालय व प्री-लिटिगेशन के 38398 प्रकरणों को निराकरण के लिए चिन्हित किया गया। नेशनल लोक अदालत आयोजित करने के लिए कुल 38 खंडपीठों का गठन किया गया। इस लोक अदालत में 38747 मामलों का सफलतापूर्वक निपटान किया गया। निपटान किए गए मामलों में कुल 37812 मामले प्री-लिटिगेशन चरण के थे और 3269 मामले ऐसे थे, जो विभिन्न न्यायालयों में लंबित थे। जिसमें मोटर वाहन दुर्घटना, धारा 138 एनआई एक्ट, चेक से संबंधित मामले सहित अन्य मामले शामिल थे।
