राजनांदगांव : शिक्षक बच्चों के भविष्य को संवारने वाले चेंज मेकर : कलेक्टर

– कलेक्टर ने प्राचार्य, संकुल समन्वयक, बीईओ एवं बीआरसी के कार्यों की समीक्षा की
– बच्चों के परीक्षा परिणाम को बेहतर करने के लिए सभी शिक्षक समर्पण एवं निष्ठा से करें कार्य
– अवकाश में भी बनी रहे बच्चों के पढ़ाई की निरंतरता


राजनांदगांव । कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने आज डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसंतपुर के सभाकक्ष में सभी प्राचार्य, संकुल समन्वयक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड स्रोत समन्वयक के कार्यों की समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि बच्चों के परीक्षा परिणाम को बेहतर करने के लिए सभी शिक्षक समर्पण एवं निष्ठा से कार्य करें। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज में जमीनी स्तर पर बच्चों के भविष्य को संवारने का कार्य करते है एवं चेंज मेकर हैं, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लेकर आते है। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतरीन परीक्षा परिणाम के लिए उन्हें सही मार्गदर्शन दें। ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक भवन को  पुस्तकालय के रूप में विकसित करें, ताकि बच्चों में पढऩे की प्रवृत्ति का विकास हो। मस्तिष्क की रचनात्मकता के लिए यह जरूरी है कि बच्चों को निरंतर अध्ययन के साथ ही अभ्यास भी कराएं। उन्होंने कहा कि शीतकालीन अवकाश के दौरान बच्चों को गृह कार्य दें, ताकि पढ़ाई के लिए बच्चों की निरंतरता बनी रहे। उन्होंने कक्षा दसवीं एवं बारहवीं की परीक्षा में 60 प्रतिशत से कम प्रतिशत वाले स्कूलों की गहन समीक्षा की। कलेक्टर ने शिक्षकों से कहा कि बच्चों को नशे की प्रवृत्ति तथा अपराध से दूर रहें। इसलिए उन्हें सही मार्गदर्शन दें तथा उन्हें सुरक्षित रखें। यही बच्चों देश के भविष्य है, जो आगे चलकर विभिन्न क्षेत्रों में देश को अपनी सेवाएं देंगे। उन्होंने सभी शिक्षकों एवं अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के लिए कहा। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता के लिए शिक्षकों से चर्चा की तथा उन्हें बच्चों को अध्ययन के लिए प्रेरित करने के लिए कहा।


कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने कहा कि बोर्ड की परीक्षा के लिए विशेष तौर पर बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दें। टेस्ट के माध्यम से उनकी पढ़ाई की मानिटरिंग करते रहे। बच्चों की पढ़ाई में प्रगति दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने ऑनलाईन कक्षा एवं प्रश्न बैंक, कक्षा दसवीं व बारहवीं हेतु वर्ष 2025-26 का लक्ष्य वार कमजोर विषयों और 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की जानकारी तथा तैयारी की समीक्षा, अवकाश पोर्टल में लंबित आवेदनों की जानकारी, पेंशन प्रकरण की जानकारी, निर्माण कार्यों की समीक्षा, शाला अनुदान पर चर्चा, पीएम ई-विद्या, बायोमैट्रिक उपस्थिति, इंस्पायर अवार्ड, ऑनलाइन क्लासेस वीडियो, अद्र्धवार्षिक परीक्षा के परिणाम की प्रविष्टि की समीक्षा की।


जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने कहा कि ऐसे स्कूल जहां शिक्षकों की कमी है, वहां स्मार्ट क्लास तथा विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की भी मदद ले सकते है। उन्होंने शिक्षकों की बायोमैट्रिक उपस्थित के संबंध में कहा। उन्होंने कहा कि कक्षा दसवीं एवं बारहवीं की परीक्षा के लिए सभी शिक्षक मेहनत करते हुए विद्यार्थियों को पढ़ाएं। इस अवसर पर संयुक्त संचालक शिक्षा दुर्ग संभाग बीएल ठाकुर, जिला समन्वयक सतीश ब्यौहारे एवं अन्य अधिकारी, प्राचार्य, संकुल समन्वयक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड स्रोत समन्वयक उपस्थित थे।

By kgnews

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