राजनांदगांव | शहर के सार्वजनिक कुंओं का रख-रखाव नहीं हो रहा है। इसके चलते ये कुंए कचरे और गंदगी से पटने लगे हैं। जबकि शहर की इन धरोहर को संजो कर रखा जाना चाहिए।
जलसंकट के बीच कुंए काफी मददगार साबित हो सकते हैं। शहर में 30 से अधिक सार्वजनिक कुएं मौजूद थे। लेकिन इनमें से लगभग सभी अब उपयोगहीन हो चुके हैं। जिसकी वजह प्रशासनिक अनदेखी है।

