CG : अवैध संबंध के शक में परिवार पर जानलेवा हमला, मां की हत्या और 6 घायल ...

राजनांदगांव I विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस पर संयुक्त क्षेत्रीय केंद्र सीआरसी राजनांदगांव में जागरुकता दिवस मनाया गया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के वार्षिक कार्यक्रम कैलेंडर के तहत विविध कार्यक्रम हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य ऑटिज़्म के प्रति जागरूकता बढ़ाना, समावेशी समाज को बढ़ावा देना तथा प्रारंभिक पहचान और हस्तक्षेप के महत्व को रेखांकित करना रहा। संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित वर्ष 2026 की थीम ऑटिज़्म और मानवता हर जीवन मूल्यवान है।

इसके अनुरूप आयोजित कार्यक्रम में लगभग 100 प्रतिभागियों, लाभार्थियों, अभिभावकों, देखभाल कर्ताओं, छात्रों एवं सीआरसी स्टाफ ने सहभागिता की। शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। डॉ. लवली शर्मा कुलपति इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, संदीप शर्मा संस्थापक एवं अध्यक्ष लावण्य फाउंडेशन, डॉ. रोहित कुमार सहायक प्राध्यापक विशिष्ट अतिथि रहे। सभी अतिथियों ने अपने विचार रख इस पहल की सराहना की। जागरूकता सत्र में डॉ. रोहित कुमार ने ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर के परिदृश्य पर जानकारी दी। एक 25 वर्षीय एस्पर्जर सिंड्रोम से ग्रसित युवक की माता ने प्रेरणादायक सफलता की कहानी साझा की।

योजनाओं के अंतर्गत 13 हितग्राहियों को किट वितरण: योजनाओं के अंतर्गत 13 लाभार्थियों को किट, श्रवण यंत्र सहित विभिन्न सहायक उपकरण वितरित किए गए, जिससे उनकी आत्म निर्भरता एवं जीवन गुणवत्ता में सुधार हो सके। कार्यक्रम में फैंसी ड्रेस स्पर्धा, अभिभावक- देखभालकर्ता संवाद सत्र एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई। डीएड के छात्रों द्वारा नाटक, कथक एवं समूह नृत्य प्रस्तुत किए गए, वहीं संदीप शर्मा ने संगीत प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम की सभी ने सराहना की। प्रतिभागियों में आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा दिया। ऑटिज़्म के प्रति जागरूकता में वृद्धि अभिभावकों और समुदाय की भागीदारी मजबूत हुई। कार्यक्रम ने समावेशन और सहयोग के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। संचालन प्रशांत मेश्राम, पतनाना चांदनी ने किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

By kgnews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *